सरकार ने सूक्ष्म, लघु व मझोले उद्यमों (एमएसएमर्ई) को सभी प्रकार की सूचनाएं उपलब्ध कराने के मकसद से टॉल फ्री नंबर सुविधा की शुरुआत की है। सूक्ष्म, लघु व मझोले उद्यम मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्री दिनशा पटेल (स्वतंत्र प्रभार) ने ‘उद्यमी हेल्पलाइन’ नाम से प्रायोगिक तौर पर इस कॉल सेंटर की शुरूआत की घोषणा की। मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार 1800 0180 6763 नंबर पर फोन करके उद्यमी ऋण, प्रौद्योगिकी, मार्केटिंग सहयोग, कौशल विकास,औरऔर भी

सरकार खुश है कि खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति 17 जुलाई को खत्म हफ्ते में इस साल पहली बार इकाई अंक में आ गई है। इसकी दर 9.67 फीसदी है, जबकि एक हफ्ते पहले यह 12.47 फीसदी है। इस तरह खाद्य पदार्थों के थोक मूल्य सूचकांक में 2.80 फीसदी की कमी आ गई है। इसमें खास योगदान आलू-प्याज का है। आलू साल भर पहले की तुलना में 46 फीसदी और प्याज 10 फीसदी से ज्यादा सस्ता हुआ है।औरऔर भी

दुनिया के जानेमाने अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस भारत के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई में इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने की कोशिश में लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय समाचार पत्र फाइनेंशियल टाइम्स की एक ताजा खबर के मुताबिक सोरोस बीएसई में दुबई होल्डिंग्स की 4 फीसदी इक्विटी खरीदेंगे। इसके लिए वे 4 करोड़ डॉलर देने को तैयार हैं। इस आधार पर बीएसई का मूल्यांकन 100 करोड़ डॉलर का निकलता है। सेबी के नियमों के मुताबिक कोई एक विदेशी निवेशक देश केऔरऔर भी

रिजर्व बैंक से उधार लेना 0.25 फीसदी महंगा होने के एक दिन बाद ही बैंकों में लोगों से ज्यादा डिपॉजिट खींचने की होड़ शुरू हो गई है। पहल की है निजी क्षेत्र के दो बैंकों ने। एचडीएफसी बैंक ने 30 जुलाई से अलग-अलग अवधि की एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) पर ब्याज की दर 0.25 फीसदी से लेकर 0.75 फीसदी तक बढ़ा दी हैं। वहीं दक्षिण भारत में सक्रिय अपेक्षाकृत छोटे, पर तेजी से उभरते लक्ष्मी विलास बैंक नेऔरऔर भी

रिजर्व बैंक अभी तक हर तीन महीने पर मौद्रिक नीति की समीक्षा पेश करता रहा है। लेकिन अब वह हर डेढ़ महीने/छह हफ्ते पर ऐसा करेगा। हां, बैंकरों के साथ बैठक और प्रेस कांफ्रेंस पहले की तरह साल भर में अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी में चार बार ही होगी। 2005 तक रिजर्व बैंक साल में केवल दो बार अप्रैल व अक्टूबर में मौद्रिक नीति पेश करता था। अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व भी हर छहऔरऔर भी

सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर और मिट्टी तेल की मूल्य वृद्धि को वापस लेने से इनकार करते हुए कहा है कि इनमें की गई मूल्य वृद्धि बहुत अधिक नहीं है और इसका आम आदमी पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवरा से मंगलवार को जब संवाददाताओं ने मूल्य वृद्धि वापस लिए जाने पर सवाल पूछा तो उन्होंने पलटकर कहा, ‘‘हम क्या वापस लें। हमने मिट्टी तेल में मात्र तीन रुपए लीटर कीऔरऔर भी

रिजर्व बैंक द्वारा रेपो में चौथाई और रिवर्स रेपो में आधा फीसदी वृद्धि करने के बावजूद अक्टूबर से पहले होम या ऑटो लोन पर ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद नहीं है। यह कहना है ज्यादातर बैंकरों का। उनका मानना है कि मौद्रिक नीति के उपायों से ब्याज पर दबाव जरूर बढ़ जाएगा, लेकिन अक्टूबर से कर्ज की मांग बढ़ने पर ही वे इसकी दरें बढ़ाने की स्थिति में होंगे। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के चेयरमैनऔरऔर भी

देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की पहली तिमाही के नतीजे उम्मीद से थोड़े बेहतर रहे हैं। विश्लेषकों ने जून में खत्म तिमाही में शुद्ध लाभ का अनुमान 4830 करोड़ रुपए लगाया था, लेकिन कंपनी ने 4851 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हासिल किया है जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के शुद्ध लाभ 3666 करोड़ रुपए से 32.32 फीसदी अधिक है। इस दौरान कंपनी का टर्नओवर 32,441 करोड़ रुपए से 88.05 फीसदी बढ़करऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने को प्राथमिकता मानते हुए ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला किया है। उसने मौद्रिक नीति की पहली त्रैमासिक समीक्षा में रेपो दर में 0.25 फीसदी और रिवर्स रेपो में 0.50 फीसदी की वृद्धि कर दी है। गौर करें कल शाम को लिखी गई अर्थकाम की खबर के पहले पैरा का आखिरी वाक्य, “हो सकता है कि रेपो में 0.25 फीसदी की ही वृद्धि की जाए, लेकिन रिवर्स रेपो में 0.50 फीसदीऔरऔर भी

सारा बाजार, तमाम अर्थशास्त्री और बैंकर यही मान रहे हैं कि रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की पहली त्रैमासिक समीक्षा में नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को जस का तस 6 फीसदी पर रखेगा और रेपो व रिवर्स रेपो दर में 0.25 फीसदी की वृद्धि कर सकता है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक रिजर्व बैंक फिलहाल चौंकाने के मूड में है और वह सीआरआर को तो नहीं छेड़ेगा, पर रेपो और रिवर्स रेपो में 0.25 फीसदी की जगह 0.50 फीसदीऔरऔर भी