केंद्र ने बीते वित्त वर्ष 2009-10 में विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों पर कुल 28,789 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी, जबकि उसे इन पर विभिन्न टैक्सों से कुल 71,768 करोड़ रुपए मिले। 7755 करोड़ रुपए कस्टम ड्यूटी और 64,013 करोड़ रुपए सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी से। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के मुताबिक राज्यों के कुल राजस्व का 34 फीसदी हिस्सा पेट्रोलियम उत्पादों पर लगे टैक्स से आता है। सब्सिडी के बावजूद 2009-10 में सरकारी तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी 46,051 करोड़औरऔर भी

क्या आपने अपने जेवरातों का बीमा करवाया है? यदि आपका जवाब न में है तो आप देर मत कीजिए। आपके कीमती जेवरात हों या आपका पर्स उनको बीमा सुरक्षा देना बहुत जरूरी है। आज के समय में चोरी व लूट के साथ पॉकेटमारी की घटनाएं इस कदर बढ़ गई हैं कि हमेशा चिंता बनी रहती है कि अपनी मूल्यवान वस्तुओं को कैसे सुरक्षित रखा जाए? इसका सबसे सरल तरीका है कि जेवरातों का बीमा करवा लीजिए। यहऔरऔर भी

पिछले आठ सालों में देश की कुल आबादी में निम्न आय वाले परिवारों का हिस्सा घटा है और उच्च आय वाले परिवारों का हिस्सा बढ़ा है। एनसीएईआर के एक ताजा अध्ययन के अनुसार 2001-02 में निम्न आय वाले परिवारों का हिस्सा 34.6 फीसदी था, जो 2009-10 में घटकर 17.9 फीसदी रह गया। इसी दौरान मध्यम आय वाले परिवारों की संख्या 58 फीसदी (14.07 करोड़) से बढ़कर 61.6 फीसदी (22.84 करोड़) हो गई। साथ ही उच्च आय वर्गऔरऔर भी

एक तरफ वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी बुधवार को लोकसभा में पक्ष-विपक्ष के सांसदों को समझा रहे थे कि जीएसटी (माल व सेवा कर) के आने से किस तरह पेट्रोलियम पर ज्यादा कराधान से लेकर आम आदमी को परेशान कर रही महंगाई तक की समस्या हल हो जाएगी, वहीं दूसरी तरफ राजधानी में ही राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकारप्राप्त समिति ने अपनी बैठक के बाद जीएसटी से जुडे संविधान संशोधन विधेयक के मौजूदा प्रारूप को खारिज करऔरऔर भी

राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों में गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितता के नए-नए खुलासों ने सरकार को देश के भीतर या बाहर कहीं भी मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा है। इसने कांग्रेस आलाकमान को काफी परेशान कर दिया है। उसी के दबाव में खुद प्रधानमंत्री कार्यालय ने कैबिनेट सचिव को खेलों से जुड़े तमाम स्टेडियमों का मुआयना करने का निर्देश दिया है। साथ ही राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति की कार्यकारिणी की विशेष बैठक 5 अगस्त, गुरुवार को बुलाईऔरऔर भी

देश के अग्रणी स्पॉट एक्सचेंज एनएसईएल पर ई-गोल्ड और ई-सिल्वर के सौदों से स्टोरेज सरचार्ज वापस ले लिया गया है। एक्सचेंज के एक सर्कुलर के अनुसार एक अगस्त से ई-गोल्ड व ई-सिल्वर में सौदा करनेवाले कारोबारियों व निवेशकों को कोई सरचार्ज नहीं देना पड़ेगा। एक्सचेंज ने डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स को भी आदेश दिया है कि वे डीमैट वाले ई-गोल्ड और ई-सिल्वर के सौदों पर कोई सरचार्ज न वसूलें। एक्सचेंज की इस पहल से कारोबारियों और निवेशकों का सालानाऔरऔर भी

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स जून 1990 में 850 अंक पर था। जून 2000 में यह 4850 अंक पर पहुंचा और अब जून 2010 में 17,700 अंक पर। इस तरह 20 साल में इसने मूलधन को 20 गुना बढ़ा दिया है। सालाना चक्रवृद्धि दर से देखें तो इसने 1990-2000 के दौरान 18.8 फीसदी और 2000-2010 के बीच 14.1 फीसदी सालाना रिटर्न दिया है। पूरे दो दशकों का औसत सालाना चक्रवृद्धि रिटर्न 16.4 फीसदी का है।औरऔर भी

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को अंग्रेजी में हमारे पूंजी बाजार का वॉच डॉग कहा जाता है और वाकई लगता है कि वह बड़ों पर भौंकने और छोटों को काटने का काम करता है। सेबी ने 7 जून को रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज (आरएनआरएल) और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर में ‘डीलिंग’ के मामले में इन कंपनियों के अलावा अनिल अंबानी और समूह के चार अन्य बड़े अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। 9 जून को यह नोटिसऔरऔर भी

मुंबई की एक बीपीओ कंपनी में कार्यरत 52 वर्षीय अंकुश सावंत के पास हालांकि अपने नियोक्ता की ग्रुप मेडीक्लेम पॉलिसी है। पिछले दिनों उन्हें लगा कि हेल्थकेयर के बढ़ती खर्च की वजह से आज के जमाने में परिवार के हर सदस्य के पास पर्याप्त हेल्थ इंश्योरेंस कवर भी होना चाहिए। लेकिन बीमा एजेंट ने जब उन्हें प्रीमियम बताया तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। सावंत कहते हैं कि अगर यह हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी मैं 30औरऔर भी

कॉरपोरेट कार्य मंत्री सलमान खुर्शीद से अप्रैल में जब पूछा गया था कि आईपीएल की फ्रेंचाइची टीमों पर लगे आरोपों के खिलाफ उनका मंत्रालय खुद पहल कर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा तो उन्होंने पलटकर सवाल किया था कि उनके मंत्रालय से स्वतः कार्रवाई क्यों की जानी चाहिए। लेकिन अब खुर्शीद ने संसद में स्वीकार किया है कि आईपीएल की कई टीमों ने कंपनी कानून का उल्लंघन किया है और रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनीज से उनके खिलाफ दंडात्मकऔरऔर भी