सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) को शुरुआती दो सालों में मिली सफलता से इतनी उत्साहित है कि वह इसके दायरे में गरीबी रेखा से ऊपर के परिवारों को भी लाने पर विचार कर रही है। यह जानकारी आज श्रम व रोजगार मंत्रालय में श्रम कल्याण विभाग के महानिदेशक अनिल स्वरूप ने दी। वे नई दिल्ली में फिक्की द्वारा स्वास्थ्य बीमा पर आयोजित एक वर्कशॉप में बोल रहे थे। अभी यह योजना केवल गरीबी रेखा के नीचेऔरऔर भी

इस बार अक्षय तृतीया रविवार, 16 मई को पड़ रही है। इसलिए दोनों ही स्टॉक एक्सचेंजों, बीएसई और एनएसई ने इस दिन केवल गोल्ड ईटीएफ में ट्रेडिंग के लिए बाजार को सुबह 9 बजे से लेकर शाम 3.30 बजे तक खुला रखने का फैसला किया है। लेकिन ध्यान रहे कि इस विशेष सत्र में केवल गोल्ड ईटीएफ में ही ट्रेडिंग होगी, बाकी किसी भी प्रतिभूति में नहीं। अभी सात गोल्ड ईटीएफ शेयर बाजारों में लिस्टेड हैं। येऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्यूचुअल फंडों को निवेशकों के बीच लोकप्रिय बनाने की ठान ली है। इसी कोशिश के तहत उसने तय किया है कि अब म्यूचुअल फंडों को निवेशकों से मिली शिकायतों का पूरा कच्चा-चिट्ठा अपनी व एम्फी (एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया) की वेबसाइट के साथ अपने सालाना रिपोर्ट में भी प्रकाशित करना होगा। सेबी ने एक नए सर्कुलर में यह व्यवस्था दी है। सेबी का कहनाऔरऔर भी

अभी अमेरिका में गोल्डमैन सैक्स पर खुद वहां की पूंजी बाजार नियामक संस्था एसईसी (सिक्यूरीज एंड एक्सचेंज कमीशन) द्वारा फ्रॉड का आरोप लगाने जाने के बाद महीने भर भी नहीं बीते हैं कि दूसरे अहम वित्तीय संस्थान मॉरगन स्टैनले पर निवेशकों को डेरिवेटिव सौदों में गुमराह करने का आरोप लग गया है। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अखबार वॉल स्ट्रीट जनरल ने कारोबारियों के हवाले खबर दी है कि अमेरिकी की संघीय जांच एजेंसियां इन सौदों की तहकीकात में लगऔरऔर भी

भारतीय रिजर्व बैंक ने तय कर दिया है कि अब कटे-फटे, दाग-धब्बे या किसी भी तरीके से खराब हो चुके नोटों को दोबारा सर्कुलेशन में न आने देने की जिम्मेदारी बैंकों की होगी। उन्हें नोट छांटनेवाली ऐसी मशीनें लगानी होंगी जो तय कर सकें कि कोई नोट सही व फिट है या नहीं। ये मशीनें जाली नोट भी निकालकर बाहर कर देंगी। बैंक उऩ्हीं नोटों को दोबारा सर्कुलेशन में डालेंगे जो एकदम सही और फिट पाए जाएंगे।औरऔर भी

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने साल 2003 से 2005 के दौरान हुए आईपीओ घोटाले में ब्रोकर फर्म व डीपी (डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट) मोतीलाल ओसवाल सिक्यूरिटीज को एक कंसेंट ऑर्डर के तहत बरी कर दिया है। यह कंसेंट ऑर्डर पारित तो 6 मई को हुआ था, लेकिन इसे सार्वजनिक सोमवार 10 मई को किया गया। मोतीलाल ओसवाल सिक्यूरिटीज के खिलाफ सेबी की कार्यवाही अप्रैल 2006 से ही चल रही थी। लेकिन जनवरी 2010 में ब्रोकर फर्म नेऔरऔर भी

यूरोप में ग्रीस, पुर्तगाल, इटली, आयरलैंड व स्पेन जैसे देशों की सरकारों को दीवालिया होने से बचाने के लिए यूरोपीय संघ ने नई पहल की है। इसके तहत करीब 750 अरब यूरो का राहत पैकेज तैयार किया गया है। लेकिन इसके साथ शर्त रखी गई है कि इस सरकारों को अपने खर्चों में कटौती करनी होगी, मितव्ययी बनना होगा। इस पैकेज में 60 अरब यूरो का योगदान यूरोपीय आयोग की ओर से किया जाएगा। इसके अलावा आईएमएफऔरऔर भी

हमारा कंपनी अधिनियम किसी कंपनी मे स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति के बारे में कुछ नही कहता। लेकिन लिस्टिंग समझौते के अनुच्छेद-49 के अनुसार स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध हर कंपनी को अपने बोर्ड में स्वतंत्र निदेशकों को रखना जरूरी है। फिर भी स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध 130 कंपनियों ने इस नियम का पूरी तरह पालन नहीं किया है। इसमें से 83 कंपनियां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) की हैं तो 47 कंपनियां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की। यह जानकारीऔरऔर भी

वित्त वर्ष 2010-11 के पहले महीने में बैंकों के कर्ज और जमा दोनों की रफ्तार बेहद धीमी रही है। 27 मार्च से 9 अप्रैल तक तो बैंकों की कुल जमा में 43,500 करोड़ की बढ़त हो गई थी। वह भी तब जब सावधि जमा में 79,963 करोड़ रुपए की वृद्धि ने बचत व चालू खाते में जमाराशि में आई 36,643 रुपए की कमी को संभाल लिया था। लेकिन इसके बाद 10 अप्रैल से 23 अप्रैल तक केऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने आज क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी कर दिए। इसमें ऐसा तो नहीं है कि क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां रेटिंग के साथ-साथ एनॉलिस्ट और सलाह देने की सेवाएं नहीं दे सकती हैं, लेकिन सेबी ने इतना जरूर तय कर दिया है कि एजेंसी में वे लोग जो किसी कंपनी को रेटिंग देते हैं, विश्लेषण या सलाहकार सेवाएं देनेवालों से अलग होने चाहिए। सेबी ने यह भी तय किया है किऔरऔर भी