कर्नाटक सरकार ने बैगलोर मैसूर एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए एक कंपनी द्वारा अधिग्रहीत तीन गांवों की 1916 एकड़ जमीन के लिए मुआवजे की रकम कई गुना बढ़ाने का निर्णय लिया है। जहां पहले प्रति एकड़ 1.5 लाख रुपए मुआवजा मिलना था, वहीं अब इसकी दर 40-41 लाख प्रति एकड़ कर दी गई है। गुरुवार को राज्य सरकार ने यह फैसला किया। नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरीडोर एंटरप्राइसेज ने बैगलोर दक्षिणी तालुक में केंगेरी के बाहरी इलाके में तीन गावोंऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में एंडोसल्फान कीटनाशक पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग वाली एक याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा सोमवार को मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाड़िया और न्यायमूर्ति के एस राधाकृष्णन व न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की खंडपीठ ने केंद्र को नोटिस जारी कर सोलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रमण्यम को 11 मई को अगली सुनवाई में उपस्थित रहने को कहा। वरिष्ठ अधिवक्ता वेणुगोपाल ने सीपीएम की युवा इकाई डेमोक्रेटिकऔरऔर भी

सरकार ने उवर्रकों के लिए पोषक तत्वों पर आधारित सब्सिडी स्कीम (एनबीएस) के तहत चालू वित्त वर्ष 2011 के लिए फॉस्फेटिक और पोटाशिक खाद का बेंचमार्क मूल्य बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनके मूल्य ज्यादा होने और बेंचमार्क मूल्य कम होने के चलते अभी तक उर्वरक कंपनियां इनके आयात के करार नहीं कर पा रही थीं। लेकिन सरकार ने अब यह मुश्किल हल कर दी है। गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठकऔरऔर भी

कृषि में इस्तेमाल होनेवाले कीटनाशक एंडोसल्फान पर प्रतिबंध लगाने की मांग पर वाम दल और बीजेपी एक साथ आ गए हैं। मंगलवार को वाम दलों के सांसदों के एक समूह ने इस मांग को लेकर संसद भवन में विरोध प्रदर्शन किया। वहीं बीजेपी की प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि एंडोसल्फान इतना हानिकारक कीटनाशक है कि इसे अधिकांश देश प्रतिबंधित कर चुके हैं। ऐसे में इसे प्रतिबंधित न करके सरकार जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ होने देऔरऔर भी

खाद्य मंत्री के वी थॉमस अड़ गए हैं कि वे देश से गेहूं का निर्यात नहीं होने देंगे। ऐसा तब जबकि 19 जनवरी तक उनके बॉस रहे कृषि मंत्री शरद पवार ने पिछले ही हफ्ते कहा था कि देश में गेहूं का भारी स्टॉक है और हमें इसके निर्यात की इजाजत दे देनी चाहिए। वैसे, थॉमस ने मंगलवार को कहा कि गेहूं निर्यात के बारे में अगले हफ्ते मंत्रियों का समूह विचार करेगा। मंत्रियों के समूह कीऔरऔर भी

अप्रैल के पहले हफ्ते से गेहूं की सरकारी खरीद चालू है। दिखाने के लिए सरकारी खरीद के लंबे-चौड़े लक्ष्य तय किए गए हैं। लेकिन सरकार इस दिशा में कुछ खास करने नहीं जा रही। गेहूं की सरकारी खरीद में एफसीआई समेत अन्य सरकारी एजेंसियां ढीला रवैया अपनाएंगी। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड समेत लगभग एक दर्जन राज्यों में एफसीआई गेहूं खरीद से दूर ही रहने वाली है। ये राज्य केंद्रीय पूल वाली खरीद में नहीं आते हैं।औरऔर भी

देश की खाद्यान्न सुरक्षा के लिए सरकार के पास न तो गोदाम हैं और न ही भंडारण क्षमता बढ़ाने की कोई पुख्ता योजना। भंडारण की किल्लत से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) मुश्किलों का सामना कर रहा है। हर साल खुले में रखा करोड़ों का अनाज सड़ रहा है। इसके लिए सरकार अदालत की फटकार से लेकर संसद में फजीहत झेल चुकी है। लेकिन पिछले दो सालों से सरकार भंडारण क्षमता में 1.50 करोड़ टन की वृद्धि काऔरऔर भी

गेहूं की सरकारी खरीद और इसकी बर्बादी की तैयारी कर ली गई है। पहले से ही इफरात पुराने अनाज से भरे गोदाम एफसीआई की सांसत बढ़ाने वाले हैं। गेहूं की नई फसल के भंडारण के लिए गोदामों की भारी कमी है। रबी फसलों की बंपर पैदावार को देखकर खुश होने की जगह सरकारी एजेंसी एफसीआई के होश उड़ गये हैं। सुप्रीम कोर्ट से फजीहत झेलने के बावजूद खाद्य मंत्रालय ने पिछले दो सालों में मुट्ठी भर अनाजऔरऔर भी

मौसम विभाग ने इस साल सामान्य मानसून रहने की भविष्यवाणी की है। मानसून की बारिश दीर्घावधि औसत की 98 फीसदी तक रह सकती है। हालांकि मध्य अप्रैल तक मौसम में नमी बने रहना और तापमान का नहीं बढ़ना देश में समय पर मानसून के आने में कुछ बाधा डाल सकता है। एक संवाददाता सम्मेलन में मानसून में बाधा उत्पन्न होने के बारे में पूछे जाने पर मौसम विभाग के महानिदेशक अजीत त्यागी ने कहा, ‘‘अभी इस विषयऔरऔर भी

उत्तर प्रदेश के दशहरी और दूसरे किस्मों के आम के शौकीन लोगों को इस बार ‘फलों का राजा’ खरीदने के लिए अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी क्योंकि प्रतिकूल हालात की वजह से इस मौसम में आम के उत्पादन में खासी गिरावट के आसार साफ नजर आ रहे हैं। उधर महाराष्ट्र में अलफांसों की तीन चौथाई से ज्यादा फसल बरबाद हो जाने की खबर पहले ही आ चुकी है। ऑल इंडिया मैंगो ग्रोवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष इंसरामऔरऔर भी