वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार देश में आदिवासियों की आबादी आठ करोड़ से अधिक है जिनमें से 7.73 करोड़ ग्रामीण इलाकों में और केवल 70 लाख शहरी इलाकों में रहते हैं। 12 राज्यों में आदिवासियों के 2474 गांव हैं और इनमें असम के वनों में बसे गांवों की संख्या सबसे ज्यादा है। असम में आदिवासियों के 499 गांव हैं जबकि उत्तर प्रदेश में सबसे कम 12 गांव हैं। केंद्र सरकार ने अभी तक राष्ट्रीय आदिवासी नीतिऔरऔर भी

देश में एक जनवरी 2008 तक की स्थिति के अनुसार पंजीकृत होम्योपैथी डॉक्टरों की संख्या 2,39,285 है। सरकार मानती है कि होम्योपैथी कम खर्चीली और कोई दुष्प्रभाव नहीं होने वाली चिकित्सा पद्धति है। लेकिन होम्योपैथी औषधियों के कारोबार के आकार का पता लगाने के लिए कोई कार्यविधि नहीं है। सरकार ने होम्योपैथी को बढ़ावा देने के लिए होम्योपैथी फार्माकोपिकल प्रयोगशाला, केन्द्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद और राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान की स्थापना की है।और भीऔर भी

देश में हर 1700 लोगों पर एक डॉक्टर है, जबकि दुनिया का औसत 1000 लोगों पर डेढ़ डॉक्टर का है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने लक्ष्य बनाया है कि 2031 तक हर 1000 भारतीय पर एक डॉक्टर उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस समय जर्मनी में 296 पर एक, अमेरिका में 350 पर एक, ब्रिटेन में 469 पर एक, ब्राजील में 844 पर एक, चीन में 1063 पर एक और पाकिस्तान में 1923 लोगों पर एक डॉक्टरऔरऔर भी

सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों का औसत सालाना वेतन 2009-10 में 6.09 लाख रुपए रहा है। सार्वजनिक उद्यम विभाग के सर्वे के मुताबिक पिछले चार साल में इनके वेतन में 100 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2009-10 में सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों की संख्या 14.91 लाख थी, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह संख्या 15.34 लाख थी। इस तरह कंपनियों ने 43,000 कर्मचारी घटा दिए।और भीऔर भी

भारतीय रेल 157 साल पुरानी है। देश के कुल 1083 स्टेशनों को जोड़ती है। हर दिन 2.20 करोड़ लोग इससे सफर करते हैं और 25 लाख टन माल ढोया जाता है। 2004-05 में हर दिन चलनेवाली ट्रेनों की संख्या 16,021 और पूरे साल में यात्रियों की संख्या 538 करोड़ थी। 2009-10 में कुल यात्रियों की संख्या 720 करोड़ और प्रतिदिन चलनेवाली ट्रेनों की संख्या 18,820 हो गई। यानी, औसत की बात करें कि देश की पूरी आबादीऔरऔर भी

देश में कैलेंडर वर्ष 2010 के दौरान में 21 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया जो पिछले वर्ष से 22% कम है। उद्योग मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2009 में एफडीआई 27 अरब डॉलर (27,044 करोड़ रुपए) रहा था। वित्त वर्ष की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2010 में एफडीआई में 23% गिरावट दर्ज की गई और यह 16.03 अरब डॉलर रहा जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 20.86 अरब डॉलर था। रिजर्वऔरऔर भी

ई-मेल और मोबाइल फोन के आज के युग से काफी पहले सत्रहवीं सदी के शुरू में भारत में एक हिस्से से दूरे हिस्से तक कबूतरों, नंगे पांव दौड़नेवाले वाहकों और बैलगाड़ियों के जरिए संदेश पहुंचाए जाते थे। भारतीय डाक व्यवस्था के तमाम पहलुओं पर स्टीव बोर्गिया ने एक नई किताब ‘पिजंस टू पोस्ट’ लिखी है। यह किताब लगभग दो हजार साल पुराने भारतीय डाक तंत्र का इतिहास बताती है। इसमें पुराने डाकखानों, सैकड़ों साल पुराने जीर्ण शीर्णऔरऔर भी

देश का मूल प्रेस कानून 1867 यानी अंग्रेजों के जमाने का है। इसमें पहला बड़ा संशोधन 1955 में पहले प्रेस आयोग की सिफारिशों के आधार पर किया गया। इसके साल भर बाद 1956 में रजिस्ट्रार ऑफ न्यूजपेपर्स ऑफ इंडिया (आरएनआई) के कार्यालय ने काम करना शुरू किया। प्रेस कानून में आखिरी संशोधन करीब 27 साल पहले 1983 में किया गया था। विदेशी मीडिया के आने के मद्देनजर इसमें फिर बड़े संशोधन पर विचार किया जा रहा है।औरऔर भी

रिजर्व बैंक ने छोटे सिक्कों का डिपो चलानेवाले देश के 45 बैंकों को निर्देश दिया है कि वे अपनी शाखाओं में 25 पैसे या इससे कम मूल्य के सिक्कों को बदलने का इंतजाम करें। इसके अलावा लोग रिजर्व बैंक के सभी दफ्तरों में भी इन सिक्कों को देकर बड़े सिक्के या रुपए ले सकते हैं। यह सुविधा 30 जून 2011 की शाम को बंद कर दी जाएगी। यानी, एक जुलाई 2011 से देश में चवन्नी का चलनाऔरऔर भी

नए वित्त वर्ष 2011-12 के बजट की तैयारियां जोरों पर हैं। वित्त मंत्रालय के दफ्तर नॉर्थ ब्लॉक में इस समय पत्रकार-परिंदे तक पर नहीं मार सकते। बजट को इतना टॉप सीक्रेट मुख्यतः एक्साइज व कस्टम ड्यूटी जैसे अप्रत्यक्ष कर प्रस्तावों की वजह से रखा जाता है क्योंकि पता लगने पर व्यापार व उद्योग जगत इनका बेजा इस्तेमाल कर सकता है। आयकर या कॉरपोरेट कर जैसे प्रत्यक्ष करों या रक्षा, शिक्षा व ग्रामीण विकास जैसी मदों का आवंटनऔरऔर भी