आइडिया में दम है, पर पूंजी कहां है?
जो भी पैदा हुआ है, वह मरेगा। यह प्रकृति का चक्र है, नियम है। ट्रेन पर सवार हैं तो ट्रेन की होनी से आप भाग नहीं सकते। कूदेंगे तो मिट जाएंगे। यह हर जीवधारी की सीमा है। इसमें जानवर भी हैं, इंसान भी। लेकिन जानवर प्रकृति की शक्तियों के रहमोकरम पर हैं, जबकि इंसान ने इन शक्तियों को अपना सेवक बनाने की चेष्ठा की है। इसमें अभी तक कामयाब हुआ है। आगे भी होता रहेगा। मगर, यहांऔरऔर भी
शेयर वोकहार्ट का, सबक ज़िंदगी के
वोकहार्ट का स्टॉक/शेयर सोमवार, 8 अक्टूबर से बीएसई के मिड कैप सूचकांक से बाहर निकाल दिया जाएगा। इस खबर के आने के बाद यह थोड़ा-सा गिरकर बीएसई (कोड – 532300) में 1277.80 रुपए और एनएसई (कोड – WOCKPHARMA) में 1275.95 रुपए पर बंद हुआ है। लेकिन इससे न तो इस स्टॉक और न ही कंपनी पर कोई फर्क पड़ता है। किसे पता था कि इसी साल 6 जनवरी 2012 को पांच रुपए अंकित मूल्य का जो शेयरऔरऔर भी
सेंसेक्स तेरह हो या तीस, लगेगा तीर
काश! ऐसा होता कि अर्थशास्त्र और राजनीति दोनों एकदम अलग-अलग होते। ऐसा होता तो अपने यहां सेंसेक्स बहुत जल्द छलांग लगाकर 23000 अंक तक पहुंच जाता। हाल में बहुत-सी ब्रोकर फर्मों ने रिपोर्ट जारी कर भविष्यवाणी भी की है कि इस नहीं, अगली दिवाली तक जरूर सेंसेक्स 23,000 के पार चला जाएगा। लेकिन राजनीति और अर्थशास्त्र अलग-अलग हैं नहीं। इसीलिए राजनीतिक अर्थशास्त्र की बात की जाती है। इसी से बनता है पूरा सच और वो सच यहऔरऔर भी
निर्यात घटा, आयात भी कम, घटा व्यापार घाटा
इस साल देश से अगस्त महीने में 22.33 अरब डॉलर के सामान का निर्यात हुआ है। यह पिछले अगस्त में हुए 24.74 अरब डॉलर के निर्यात से 9.74 फीसदी कम है। हालांकि अगर रुपए में आंका जाए तो यह पिछले अगस्त के मुकाबले 10.76 फीसदी ज्यादा है। कारण, अगस्त 2011 में एक डॉलर का मूल्य 44 रुपए के आसपास था, जबकि इस साल अगस्त में यह 55.50 रुपए के आसपास रहा। इस तरह रुपया डॉलर के सापेक्षऔरऔर भी







