यह भी हीरा है, मगर मुठ्ठी में बंद
साल भर पहले हमने यहीं पर पॉलि मेडिक्योर में निवेश की सलाह दी थी। तब उसका शेयर 240 के आसपास था। अभी 14 मई को 574.85 का शिखर छूने के बाद फिलहाल 512.50 रुपए पर है। 100% से ज्यादा रिटर्न दिलानेवाली ऐसी तमाम सलाहें तब मुफ्त हुआ करती थीं। लेकिन खुली मुठ्ठी में रखे हीरे का मूल्य लोगों ने नहीं समझा तो मुठ्ठी बंद करनी पड़ी। आज ऐसी कंपनी जो सीधे वॉरेन बफेट से ताल्लुक रखती है।औरऔर भी
नौकरी तो लांग-टर्म, नहीं तो ट्रेडिंग
क्या आपको अंदाज़ा है कि शेयर बाज़ार में हर दिन कितना धन इधर से उधर होता है। 1.30 लाख करोड़ रुपए से लेकर 1.40 लाख करोड़ रुपए। ध्यान दें यहां लाख या करोड़ की नहीं, लाख करोड़ की बात हो रही है, जिसे अंग्रेज़ी में ट्रिलियन कहते हैं। यह अमीरों का धन है, एफआईआई, डीआईआई का धन है। क्या इसमें से कोई पढ़ा-लिखा समझदार बेरोज़गार दिन के एक-दो हज़ार भी नहीं कमा सकता? आप कहेंगे कि आजऔरऔर भी
छिः! नरक से निकला मल है सोना!!
सोने के भाव गिरते जा रहे हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हो गया तो सोने के भाव हम भारतीयों के लिए और कम हो जाते हैं। लेकिन सदियों पहले धतूरे से तुलना करने के बावजूद सोने को लेकर हमारा नशा कम होने का नाम ही नहीं ले रहा। प्रसिद्ध मनोविश्लेषक सिगमंड फ्रॉयड ने अपनी किताब ‘ड्रीम्स इन फोकलोर’ में लिखा है कि बेबीलोनिया (अभी का इराक) के प्राचीन मिथकों में सोने को नरक का मल कहाऔरऔर भी
सवाल उठाओ, बढ़ती जाएगी समझ
यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के नतीजे 14 मई को आए। पता चला कि मार्च 2013 की तिमाही में डूबत ऋणों के चलते उसका शुद्ध लाभ 79.11% घटकर 31.18 करोड़ रुपए पर आ गया। लेकिन उसका शेयर पिछले तीन दिनों में 1.63% बढ़कर कल 59.20 रुपए पर पहुंच गया। भाव कभी झूठ नहीं बोलते। फिर खराब नतीजों से वो गिरे क्यों नहीं? ऐसे सवाल ही शेयर बाजार के बारे में हमारी समझ को बढ़ाएंगे। अब नज़र आज पर…औरऔर भी
वजह कुछ और है, बताते कुछ और
भारत ही नहीं, सारी दुनिया के शेयर बाज़ार कुलांचे मार रहे हैं। क्या अर्थव्यवस्था ही हालत सुधर गई? क्या भविष्य बड़ा सुनहरा दिखने लगा? कंपनियों के मुनाफे बहुत बढ़ गए? अपने यहां कहा जा रहा है कि मुद्रास्फीति इतनी घट गई है कि रिजर्व बैंक 17 जून को ब्याज दर में 0.25% और 30 जुलाई को 0.25% कमी करेगा। इसलिए सेंसेक्स और निफ्टी जनवरी 2011 के बाद के शिखर पर हैं। पर असली वजह कुछ और है…औरऔर भी





