ऐसा है तो घटा दें सौदों का साइज़!
आप ऐसे ट्रेडर तो नहीं जो खुद का नुकसान करने पर आमादा है? ट्रेडिंग से हुए फायदे-नुकसान का ग्राफ बनाएं। अगर कुल मिलाकर ग्राफ का रुख ऊपर है तो आप सही जा रहे हैं। अन्यथा, तय मानिए कि आप बाज़ार की चाल नहीं पकड़ पा रहे और अपना ही नुकसान करने की फितरत के शिकार हैं। गहराई से सोचिए और अपने नज़रिए की पड़ताल कीजिए। इस बीच सौदों का साइज़ फौरन घटा दीजिए। अब रुख बाज़ार का…औरऔर भी
किस्मत खोटी नहीं, फितरत खराब है
खराब किस्मत का रोना रोनेवाले अक्सर नाहक मुसीबत मोल लेने और जीत के जबड़े से हार खींच लाने में माहिर होते हैं। ज़रा सोचिए तो सही कि सफलता का बढ़िया ट्रैक-रिकॉर्ड रखनेवाले दिमागदार लोग भी ट्रेड में लगातार पिटते क्यों हैं? क्या यह अज्ञान है, खोटी किस्मत है या अपने ही पैर में कुल्हाड़ी मारने की फितरत? नशेड़ियों की तरह ऐसे लोग खुद को ही खोखला करते चले जाते हैं। खैर, अब रुख करते हैं बाज़ार का…औरऔर भी
पाप नहीं, गलती
वेदांत कहता है कि पाप जैसी कोई चीज़ नहीं। हां, गलती ज़रूर होती है और, हमारी सबसे बड़ी गलती है खुद को कमज़ोर, पापी और दीनहीन, दयनीय समझना। यह समझना कि हम इतने गए-गुजरे हैं कि हमसे कुछ हो ही नहीं सकता।और भीऔर भी
रिस्क हो न्यूनतम, रिटर्न अधिकतम
केवल सरकार के बांड सुरक्षित हैं। बाकी हर निवेश में यह रिस्क है कि जितना वादा है, कहा गया है या शुरू में सोचा है, उतना रिटर्न आखिरकार नहीं मिलेगा। अब यह निवेशक पर है कि वो आंख मूंदकर फैसला करे या सारे जोखिम का हिसाब-किताब पहले से लगाकर। इस मायने में ट्रेडर अलग हैं। वे सारा कुछ नापतौल कर न्यूनतम रिस्क लेते हैं। वे बड़ा जोखिम कतई नहीं उठाते। इस हफ्ते तो भयंकर उठापटक होनी है।…औरऔर भी
सस्ता दिखे वो अच्छा हो, ज़रूरी नहीं
दिल्ली की कंपनी है एक्शन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट। क्रेन, लोडर व बुलडोजर टाइप उपकरण बनाती है। रेलवे, डिफेंस और कंस्ट्रक्शन व इंफ्रास्ट्रक्चर उद्योग में इसका माल खपता है। देश में मोबाइल क्रेन का आधे से ज्यादा बाज़ार इसके पास है। शेयर सस्ता दिखता है। लेकिन कल ही आए कंपनी के नतीजे अच्छे नहीं रहे। स्मॉल कैप कंपनी है। खुद रिसर्च करके देखें कि इसमें निवेश करना चाहिए कि नहीं। हम आज दो लार्ज कैप कंपनियां लेकर आए हैं।औरऔर भी
लगे टिप्स की रेस ट्रेडिंग सिस्टम पर
कुछ चीजें लगभग नहीं, एकदम-एकदम अंसभव होती हैं। लेकिन हमेशा जीतने की इच्छा और जिजीविषा इंसान को अक्सर यह मानने पर मजबूर कर देती है कि जो वो चाहता है, वही होगा। नहीं होता तो हम किस्मत से लेकर अपने आसपास के लोगों पर दोष मढ़ने लगते हैं। मैं भी इस बार यही कर रहा हूं। इधऱ-उधर की भागमभाग और उन चार गुरुओ को दोष दे रहा हूं जिनसे मैं हाल-फिलहाल ट्रेडिंग के हुनर सीख रहा हूं।औरऔर भी






