निफ्टी से उलट चलता है डर-सूचकांक
उन्नत बाज़ार में एक-एक हरकत को पकड़ने की व्यवस्था होती है। जो अनजान हैं, वे हवा में तीर चलाते हैं। जो जानते हैं, वे पक्की गणना के आधार पर फैसला करते हैं। जैसे, अपने यहां एक सूचकांक हैं इंडिया वीआईएक्स। यह निफ्टी के आउट ऑफ द मनी (ओटीएम) ऑप्शन के भाव पर आधारित होता है। इसे डर का सूचकांक माना जाता है। यह हमेशा निफ्टी से उल्टी दिशा में चलता है। अब पकड़ते हैं मंगलवार की दिशा…औरऔर भी
आत्मग्रस्तता तोड बनना है वस्तुगत
अगर आपको कमोडिटी, फॉरेक्स या शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग से कमाई करनी है तो इसकी पूर्वशर्त है कि आपको चार्ट पर भावों की भाषा पढ़नी आनी चाहिए। इसके बावजूद हम अक्सर चार्ट पर वही देखते हैं जो सोचते हैं। इस आत्मग्रस्तता को भी तोड़ना पड़ता है। फिर भी आपने जो आकलन किया था, वैसा नहीं हुआ तो सिर धुनने की बात नहीं क्योंकि ऐसा सबसे साथ होता है। यह अनिश्चितता का खेल है। अब हफ्ते का आगाज़…औरऔर भी
कमाना-बचाना-बढ़ाना, लक्ष्य बांधकर
कमाएंगे नहीं तो बचाएंगे क्या! बचाएंगे नहीं तो बढ़ाएंगे क्या! शेयरों में निवेश कमाने-बचाने नहीं, बल्कि जो है उसे बढ़ाने के लिए किया जाता है। हमने 4 मई को सिंटेक्स इंडस्ट्रीज़ में 45 रुपए पर तीन साल में 96 रुपए के लक्ष्य के साथ निवेश की सलाह दी थी। वो तीन हफ्ते में ही 85 रुपए तक पहुंच गया। जो चाहें 89% रिटर्न लेकर निकल सकते हैं। आज तथास्तु में एक बेहद जोखिम-भरा, लेकिन संभावनामय मिडकैप स्टॉक…औरऔर भी
समझें भावों की भाषा, होगा कल्याण
शेयर बाज़ार वो जगह है जहां अठ्ठे-कठ्ठे बच्चा तक मुनाफा कमा सकता है। लेकिन ऐसे कच्चे लोग अक्सर कमाई का कई गुना गंवा बैठते हैं। सच्चे ट्रेडर के लिए असली चुनौती है बराबर कमाना। गाड़ी चलती रही, गढ्ढों में न धंसे। इसके लिए मन को इतना निर्मल रखना होता है कि चार्ट के भावों की भाषा से सीधा संवाद बन जाए। टेक्निकल एनालिसिस के हर इंडीकेटर के ऊपर हैं भाव। अब करते हैं सप्ताह का आखिरी अभ्यास…औरऔर भी






