हवाबाज़ी में नहीं, निवेश मूल दम पर
शेयर बाज़ार में निवेश के दो तरीके हैं। पहला, कहीं किसी से, जान-पहचान वाले या टीवी पर एनालिस्ट से सुन लिया तो दांव लगा दिया। यह एक तरह की सट्टेबाज़ी है जो 100% नुकसान ही नुकसान करती है। आज देश के करीब दो करोड़ डीमैट खातों में से आधे से ज्यादा निष्क्रिय क्यों पड़े हैं? दूसरा तरीका है वैल्यू इनवेस्टिंग। इसमें कंपनी की अंतर्निहित ताकत को देखकर निवेश किया जाता है। तथास्तु में अब आज की कंपनी…औरऔर भी
समय के हिसाब से बदल ली रणनीति
जो बढ़ चुके हैं या जिनमें हर हाल में बढ़ने का दमखम है, उन्हें फिलहाल बेचकर मुनाफा कमाओ और जो थोड़ा रिस्की हैं, उथले हैं, उन्हें चढ़ाते जाओ ताकि बाज़ार के गिरते ही बेचकर अच्छा-खासा मुनाफा कमा लिया जाए। निफ्टी कल भले ही फ्लैट रहा हो, लेकिन निफ्टी मिडकैप 50 सूचकांक 1.88% बढ़ गया। बड़े खिलाड़ियों की यही रणनीति चल रही है इस समय। हम भी उनके नक्शे-कदम पर चलकर कमा सकते हैं। अब शुक्र का बाज़ार…औरऔर भी
चले दो कदम, चालीस चलना बाकी है
दोस्तों! ट्रेडिंग का यह पेड कॉलम शुरू किए हुए आज पूरे एक साल हो गए। आपका पता नहीं, लेकिन मैं इस कॉलम से अभी तक संतुष्ट नहीं हूं। सच है कि भावी अनिश्चितता को मिटाना किसी के लिए भी संभव नहीं। लेकिन ट्रेडिंग की जितनी संभाव्य स्थितियां हो सकती हैं उनमें कम से कम रिस्क में अधिकतम रिटर्न की गिनी-चुनी स्थितियां ही अभी तक हाथ लगी हैं। अभी बहुत कुछ सीखना-सिखाना जरूरी है। अब गुरु की दिशा…औरऔर भी
जहां-तहां फैला पेन्नी स्टॉक्स का ट्रैप
पेन्नी स्टॉक्स के नाम पर आम निवेशकों को फंसाने का खेल समूची दुनिया में व्याप्त है। बीते हफ्ते बाकायदा मेरे नाम पर एक ई-मेल आया कि आरसीएचए नाम का स्टॉक खरीद लीजिए। शुक्रवार को यह 20 सेंट का था। हफ्ते भर में पांच गुना बढ़कर एक डॉलर हो जाएगा। वाकई दो दिन में 60% बढ़कर 34 सेंट पर पहुंच गया! लेकिन यह ट्रैप है, अभिमन्यु को मारने का चक्रव्यूह। अब रामनवमी के अवकाश के बाद की ट्रेडिंग…औरऔर भी






