उत्साह का आलम। नई शुरुआत। बाज़ार को मनमांगी मुराद मिल गई तो सेंसेक्स व निफ्टी नई ऐतिहासिक ऊंचाई पर। ऐसे में निवेश तो बनता है। पर सबसे बड़ी चुनौती है कि किस शेयर में? इसे सुलझाने के लिए जितना बड़ा रिसर्च सेटअप चाहिए, उसमें हर महीने पांच-दस लाख डालने होंगे। फिर भी हम यहां-वहां से जुगाड़ कर 200 रुपए/माह में चार शेयर बता रहे हैं। उठाएं इस सस्ती व भरोसेमंद सेवा का लाभ। अब आज की कंपनी…औरऔर भी

तैयारी हर तरफ है। वित्त मंत्रालय सेबी व रिजर्व बैंक समेत शीर्ष वित्तीय नियामकों की बैठक कर चुका है। शेयर बाज़ार व बांड बाज़ार को संभालने की खास तैयारियां हैं। बैकों को खासतौर पर हिदायत दी गई है कि बड़ी लांग पोजिशन लेने से बचें। अनिश्चितता के बीच आशंका! कहीं 17 मई 2004 या 16 मई 2009 जैसा हाल न हो जाए जब बाज़ार ने जबरदस्त तूफान मचाया था। इस बार क्या रहेगा उपयुक्त, देखते हैं आगे…औरऔर भी

कंपनियों के विज्ञापन और नेताओं के बयान में ज्यादा फर्क नहीं होता। एक नेताजी बोले कि देश में अच्छे दिन आ गए। इसका सबूत है कि शेयर बाज़ार इतना चढ़ गया। लेकिन बाज़ार तो इसलिए बढ़ा है क्योंकि विदेशियों ने झटपट मुनाफा कमाने के लिए शुक्र से लेकर अब तक इसमें 6033.04 करोड़ डाले हैं, जबकि देशी संस्थाओं ने 1042.17 करोड़ निकाले हैं। विदेशी कमाएं, देशी लुटाएं तो अच्छे दिन कैसे? खैर, हम चलें गुरु की डगर…औरऔर भी

आज बुद्धपूर्णिमा है। इस मौके पर शेयर बाज़ार खुला है, लेकिन सेटलमेंट बंद है। इसलिए कैपिटल सेगमेंट में कल किए गए सौदों का सेटलमेंट आज नहीं, बल्कि बुधवार के सौदों के साथ शुक्रवार को होगा। वैसे, बुद्ध का जिक्र आया तो बता दें कि वे कृष्ण या राम जैसे भगवान नहीं, हमारे-आप जैसे इंसान थे। उनके जैसा शांत मन और तर्क-पराणयता मिल जाए तो ट्रेडिंग में हम कभी लस्त-पस्त नहीं हो सकते। पकड़ते हैं बुध की बौद्ध-दृष्टि…औरऔर भी

एग्जिट पोल के नतीजे शाम 6.30 बजे से आना शुरू हुए। लेकिन बाज़ार को इससे तीन घंटे पहले ही इन नतीजों का आभास मिल गया था और सेंसेक्स व निफ्टी दोनों ही नए ऐतिहासिक शिखर पर पहुंच गए। यह शुद्ध सट्टेबाज़ी का असर है या एग्जिट पोल के नतीजे न्यूज़ चैनलों ने पहले ही बाज़ार को लीक कर दिए, पूंजी बाज़ार नियामक संस्था, सेबी इसकी जांच कर रही है। इस भयंकर सट्टेबाज़ी के मद्देनज़र देखते हैं बाज़ार…औरऔर भी