बड़ा निष्कपट-सा बाल स्वभाव है कि जो अच्छा लगे, जहां सुरक्षा दिखे, उसकी तरफ जाओ और जहां डर लगे, उससे दूर भागो। मां की गोद प्यारी लगती है। बाप का साया तक डराता है। पर इन सहज भावनाओं में बहते रहे तो स्टॉक्स ट्रेडिंग में आपको घाटा लगना तय है। इस लिहाज़ से ट्रेडिंग बड़ी कठिन चुनौती है। यहां सहज भावनाओं को थामना पड़ता है। बराबर सीखना और अभ्यास भी जरूरी है। अब पकड़ें बुधवार की दशा-दिशा…औरऔर भी

फाइनेंस की दुनिया खतरों से भरी पड़ी है। जगह-जगह शिकारी घात लगाए बैठे हैं जो मासूम लोगों की लालच का फायदा उठाकर एकदम वैधानिक तरीके से उनकी गाढ़ी बचत लूट ले जाते हैं। फॉरेक्स से लेकर कमोडिटी व स्टॉक्स में ट्रेडिंग टिप्स के नाम पर तो भयंकर लूट मची है। महीने के 25,000 तक लेते हैं। हमारी कोशिश है कि आप इनसे बचें। इनका सार्थक व तर्कसंगत विकल्प बनने की कोशिश है हमारी। अब डगर मंगल की…औरऔर भी

सेल्समैन के लिए फेंकना ज़रूरी होता है। धंधा चलाने के लिए उसे ऐसी बातों तक का दावा करना पड़ता है जो उसके वश में नहीं हैं। लेकिन धंधे के गुण अगर उसके आंतरिक स्वभाव का हिस्सा बन गए तो वह सफल ट्रेडर नहीं बन सकता। कारण, ट्रेडिंग में सफलता के लिए रिस्क लेते वक्त शांत रहना और सोच-समझकर फैसला करना पड़ता है। यहां बड़बोड़ापन या अतिविश्वास आपको घाटे में डुबो सकता है। पकड़ें अब सोमवार की नब्ज़…औरऔर भी

मित्र हैं, सरकारी अफसर हैं। शेयर बाज़ार का अच्छा-खासा अनुभव है। 2008 में जबरदस्त चपत के बाद गायब थे। इधर मई के बाद से उन्होंने शेयरों में करीब दस लाख रुपए डाले। चार महीने में करीब सवा लाख के फायदे से गदगद हैं। पोर्टफोलियो में 80 से ज्यादा शेयर। बताते हैं कि जो ठीकठाक लगा, लेते चले गए। लेकिन निवेश का यह तरीका ठीक नहीं। पोर्टफोलियो 40 स्टॉक्स तक सीमित रखें। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी