बरसात में कुकुरमुत्ते बहुत उगते हैं। पर बादलों की गरज और धरती की नमी के बीच प्राकृतिक मशरूम भी अच्छे निकलते हैं। बस, हमें कुकुरमुत्ते और प्राकृतिक मशरूम का फर्क समझ में आना चाहिए। इसी तरह शेयर बाज़ार में तेज़ी आती है तो आईपीओ भी जमकर आते हैं। अगले 10-12 महीनों में 14 कंपनियां पूंजी बाज़ार से करीब दस हज़ार करोड़ रुपए जुटाने वाली हैं। अब की बार तथास्तु में कुकुरमुत्तों के बीच का एक अच्छा मशरूम…औरऔर भी

बात बड़ी विचित्र, किंतु सत्य है। जिस पल आप ट्रेडिंग के नुकसान को दिल पर लेना बंद कर देते हैं, आपके कामयाब ट्रेडर बनने की यात्रा शुरू हो जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि तभी आप जो जैसा है, उसको वैसा देख पाते हो। लेकिन मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक, यह कहने में आसान, करने में बेहद कठिन है। दीर्घकालिक प्रक्रिया है इसकी। इस अवस्था तक पहुंचने में बहुतों को महीनों नहीं, सालों लग जाते हैं। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी

इनमें से दो खेल बड़े और खासमखास लोगों के हैं। एचएनआई और संस्थाएं बड़ी पूंजी का खेल खेलती हैं। स्मॉलकैप तो उनका हाथ लगते ही सनसनाने लगते हैं। पहुंच का खेल कंपनियों के प्रवर्तक और उससे जुड़े ऑपरेटर खेलते हैं। अमेरिका में बड़े से बड़े इनसाइडर भले ही धर लिए जाएं, लेकिन अपने यहां अभी तक उन तक पहुंचना बेहद मुश्किल है। ऐसे में हमारे लिए बचता है सिर्फ प्रायिकता का खेल। अब निकालें गुरु का गुर…औरऔर भी

अंदाज़ से ट्रेडिंग करने से बेहतर है कि किसी कैसिनो में जाकर अपनी किस्मत आजमाएं। जब तक साफ-साफ न पता हो कि बाज़ार में कौन-कौन सी शक्तियां सक्रिय हैं, उनका संतुलन कैसा है, जिस स्टॉक में हाथ लगाने जा रहे हैं उसकी प्रकृति क्या है, समग्र आर्थिक परिवेश व रुझान क्या है, तब तक आपको ट्रेडिंग में हाथ नहीं लगाना चाहिए। हम तो महज एक इनपुट है, मदद हैं। पूंजी आपकी, कमाना आपको। अब बुधवार का अभ्यास…औरऔर भी