क्यों लुटे रात की नींद, दिन का चैन!
इंट्रा-डे ट्रेडिंग में सौदे उसी दिन कट जाते हैं और हम अगली सुबह तक की अनिश्चितता से बच जाते हैं। स्विंग ट्रेड में भी यह सुकून पाना संभव है बशर्ते सही योजना बनाकर उसका अनुशासनबद्ध पालन किया जाए। सोचिए कि जो हमारे वश में नहीं है, उसकी चिंता निरर्थक है और जितना वश में है, उसे योजना से बांधा जा सकता है। भाव उलट-पुलटकर तभी देखें जब आपको सौदा करना या काटना हो। अब मंगलवार का दशा-दिशा…औरऔर भी
देखना है चार्ट, पढ़ना भाव से भावना
भावों का इतिहास और ठीक पिछले पल तक के भाव अपने आप में बहुत कुछ कह जाते हैं। उनके पीछे होती हैं हज़ारों उम्मीदें, मंसूबे, आशाएं व आशंकाएं। कुछ तार्किक तो बहुत सारी अतार्किक। इन सबके पीछे कमाने का हिसाब-किताब लगाते इंसान। जिन दिन चार्ट पर बनी आकृतियों के पीछे के इंसानों को हम सही-सही देखने में सफल हो जाते हैं, उस दिन से कामयाबी पर हमारी पकड़ कसने लगती है। अब नए हफ्ते का नया अभ्यास…औरऔर भी
इनका साथ साल-छह माह ही काफी
बाज़ार में हर तरह का सामान मिलता है। प्याज से लेकर मोबाइल और सोने के जेवर तक। इनकी उपयोगिता और उम्र भिन्न होती है। सफर में भांति-भांति के लोग मिलते हैं। लेकिन सफर की यारी ज्यादा नहीं चलती। इसी तरह कुछ कंपनियां ऐसी होती हैं जिनका साथ साल-छह महीने के लिए ही काफी होता है। इतने वक्त में उनसे मुनाफा कमाकर निकल लेना चाहिए। नहीं तो फसान हो जाती है। आज तथास्तु में ऐसी ही एक कंपनी…औरऔर भी
है कहां मुनाफे का वो अधिकतम स्तर!
हम अपने मुनाफे को अधिकतम संभव स्तर तक दौड़ाकर ले जाना चाहते हैं। लेकिन वो अधिकतम स्तर पहुंचा है या नहीं, इसका फैसला कैसे करें? छह-सात महीने पहले कहते थे कि जुलाई तक निफ्टी 7000 तक जाएगा। लेकिन वो तो कब का 7800 से ऊपर जाकर 7600 के आसपास डोल रहा है। भाव कल की सोचकर चलते हैं, लेकिन कल असल में क्या होगा, कोई नहीं जानता। कुछ संकेतक इशारा ज़रूर करते हैं। अब शुक्रवार की दशा…औरऔर भी






