ट्रेडिंग करते हैं तो किसी न किसी डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट या ब्रोकर के पास आपका डिमैट एकाउंट होगा। वो बराबर आपको मेल या एसएमएस पर ट्रेडिंग व निवेश की चटपटी सलाह भेजता ही होगा। अक्सर ये सलाहें पहले से चढ़े हुए स्टॉक को खरीदने की होती हैं। साथ ही तमाम पेन्नी स्टॉक्स को बड़ी मात्रा में खरीदने की मुफ्त सलाह आपको भी एसएमएस से मिलती होगी। इनका मकसद आपकी जेब खाली करना होता है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

रोज़ाना शेयर बाज़ार में औसतन 1800 से ज्यादा कंपनियों में सक्रिय ट्रेडिंग होती है। इनमें से एक-दो कंपनी को चुनना काफी मुश्किल है। बाहरी सेवा इसे आसान बनाने में आपकी मदद कर सकती है। लेकिन उस पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं कर सकते क्योंकि ट्रेडिंग के लिए स्टॉक चुनने का कोई त्रुटिहीन फॉर्मूला है ही नहीं। इसमें भी अगर आप ब्रोकरों की सेवा के चक्कर में पड़ गए, तब तो बेवजह निपट जाएंगे। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी

अगर आप ट्रेडिंग के लिए स्टॉक चुनने और उसमें ट्रेडिंग क्यों करनी है, इसका फैसला खुद करने का ज़िम्मा उठाने को तैयार नहीं हैं तो आप हज़ार से लेकर लाख रुपए तक की कोई सेवा ले लें, आप बाज़ार से नियमित कमाई नहीं कर सकते। शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग से कमाई करना शेर के जबड़े से शिकार निकालने जैसा मुश्किल काम है। इसे आसान समझना अपने पैर में कुल्हाड़ी मारने जैसा काम होगा। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी

बीते वित्त वर्ष 2017-18 में बीएसई में लिस्ट कंपनियों का बाज़ार पूंजीकरण 20.7 लाख करोड़ रुपए बढ़ गया। इस तरह निवेशकों की दौलत 17.03% बढ़ी है। वो भी तब, जब बाज़ार दो महीने पहले हासिल शीर्ष शिखर से नीचे आ चुका है। वहीं, सेंसेक्स पूरे वित्त वर्ष में 11.3% बढ़ा है, जबकि 29 जनवरी के शिखर तक इसकी बढ़त 22.5% थी। उसके बाद वह 9.5% नीचे आया है। अब तथास्तु में नए वित्त वर्ष की पहली कंपनी…औरऔर भी