शेयरों के उठते-गिरते भावों, उनकी धड़कन और लय में सारा रहस्य छिपा है। लेकिन हम अपने मन में पहले से बैठी धारणाओं के चलते उसे पकड़ नहीं पाते। जब हम भावों की लय पर ध्यान लगाते हैं तो मन की धारणाएं पिघलने लगती हैं और उस शेयर का सच्चा स्वभाव हमें साफ-साफ दिखने लगता है। यही वह ज्ञान है जिसके आधार पर शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग से नियमित कमाई की जा सकती है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

हमें उन्हीं शेयरों में ट्रेडिंग करनी चाहिए जिनमें अच्छा कारोबार होता है। ऐसे स्टॉक्स चुनने के लिए अलग से मशक्कत की जरूरत नहीं है क्योंकि स्टॉक एक्सचेंजों के सूचकांक में ऐसे स्टॉक्स ही रखे जाते हैं। अपने माफिक कुछ स्टॉक्स इनमें से चुन लें। फिर उनके साप्ताहिक व दैनिक भावों के चार्ट पर बराबर ध्यान देना शुरू कर दें। दो-चार टेक्निकल इंडीकेटरों की मदद से विश्लेषण करें। धीरे-धीरे लय पकड़ में आने लगेगी। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी

सांसों का आना-जाना रुक जाए तो जिंदगी थम जाती है। इसी तरह किसी स्टॉक में खरीद-बिक्री बंद हो जाए तो वह एक तरह से मरने लगता है। और, जो मरने लग गया, उससे कैसी अपेक्षा, काहे की उम्मीद। इसीलिए जिस स्टॉक में इतनी कम ट्रेडिंग हो कि वह ठंडा पड़ गया हो, उनमें कभी ट्रेडिंग की कोशिश नहीं करनी चाहिए। कभी गलती से खरीद लिया तो वह आपके गले की हड्डी बन जाएगा। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी

एफडी में निवेश गेहूं-धान लगाकर सीजन-सीजन फसल काट लेने जैसा है। वहीं, शेयर बाज़ार में लिस्टेड संभावनामय कंपनियों में निवेश पेड़ लगाने जैसा है जिसका फायदा आपके बाद आपके परिजन भी उठा सकते हैं। इसलिए ज़रूर सोचें कि क्या आपने अपने समय में उभरती कंपनियों को देख-समझकर उनके मालिकाने का सीमित हिस्सा खरीदा या नहीं। याद रखें कि मौजूदा दौर में दौलत बनाने का सबसे उपयुक्त माध्यम अच्छी कंपनियां हैं। अब तथास्तु में एक और संभावनामय कंपनी…औरऔर भी