बाज़ार से धन कमाना नहीं है आसान
शेयर बाज़ार के इतिहास की किताबें पढ़ने में बड़ा वक्त लगता है। इसलिए कुछ व्यावहारिक लोग शेयरों के भाव के लॉन्ग-टर्म चार्ट को ही देखकर अपनी समझ बनाते हैं। लेकिन एक बात गांठ बांध लें कि शेयर बाज़ार से धन कमाना ऊपर-ऊपर सैद्धांतिक रूप से जितना आसान लगता है, असल में वैसा कतई नहीं है। अपनी अधीरता व अवास्तविक उम्मीदों से हमें लड़ना होता है, गलत लोगों की सलाह से बचना पड़ता है। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी
बाज़ार का अभी का हाल अनोखा नहीं
शेयर बाज़ार में अभी जो चल रहा है, वह दरअसल क्या है? उथल-पुथल भरे माहौल में किन कदमों से बचना चाहिए? निवेश व ट्रेडिंग के सबसे अच्छे अवसरों को कैसे पकड़ा जाए? यह समझ व विद्या हासिल करने के लिए हमें दुनिया भर के शेयर बाज़ार के इतिहास को पढ़ना चाहिए। आप गूगल करेंगे तो इस पर कई अच्छी किताबें मिल जाएंगी। उसे अपने अनुभव से मिलाकर आप समग्र समझ बना सकते हैं। अब गुरुवार की दशा-दिशा…और भीऔर भी
हर घबराहट के बाद शांत होता बाज़ार
क्या यह हमारे शेयर बाज़ार में लंबे करेक्शन या गिरावट का आगाज़ तो नहीं? या, यह अल्पकालिक डुबकी है जिसमें तमाम शेयरों पर चढ़ी चर्बी छंट जाएगी और वे निवेश या ट्रेडिंग के अच्छे स्तर पर आ जाएंगे? वैसे भी, हर हड़बड़ाहट के बाद सामान्य व शांत हो जाना बाज़ार का स्वभाव है। बाज़ार के इस स्वभाव को हमें संपूर्णता में समझना होगा। अन्यथा, तात्कालिकता में उलझकर हम अक्सर संतुलन खो देते हैं। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
गिरावट हुई है ज्यादा वोल्यूम के साथ
खास बात यह है कि 3 से 10 मई तक बाज़ार की गिरावट कम नहीं, बल्कि ज्यादा वोल्यूम के साथ हुई है। 3 मई को निफ्टी-50 के 30.55 करोड़ शेयरों में ट्रेडिंग हुई थी और उसका वोल्यूम 15,156.32 करोड़ रुपए था। वहीं, 10 मई को निफ्टी-50 के 38.73 करोड़ शेयरों में ट्रेडिंग हुई और उसका वोल्यूम 18,085.19 करोड़ रुपए रहा। निफ्टी तो गिरा 3.80%, लेकिन वोल्यूम 19.32% बढ़ गया! यह क्या दिखाता है? अब मंगलवार की दृष्टि…और भीऔर भी






