वित्तीय बम सुलग रहा सतह के नीचे
देश के वित्तीय जगत में एक ऐसा बम सुलग रहा है जो कभी भी फट सकता है। आईएल एंड एफएस का 90,000 करोड़ रुपए का घोटाला होता रहा, लेकिन हमारी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां आंख पर पट्टी बांधे रहीं। सरकार ने प्राइस वाटरहाउस कूपर्स पर 55 अभियोग ठोंक दिए, मगर सब कुछ शांति से चलता रहा। इधर सरकारी संस्थान स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन और इस्पात इंडस्ट्रीज के मालिक प्रमोद मित्तल का घोटाला चर्चा में है। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी
अर्थव्यवस्था दुरुस्त करने का रोडमैप!
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को अर्थव्यवस्था की गंभीर हालत पर चिंता करनी ही पड़ी। उन्होंने उद्योगपतियों से बात की। बैंकरों व अर्थशास्त्रियों की भी राय ली। बताया जा रहा है कि उन्होंने अर्थव्यवस्था में जान फूंकने का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है, विस्तृत कार्यक्रम तैयार है। लेकिन सवाल उठता है कि इतनी ही समझदारी थी तो जुलाई में पेश किए गए इस साल के बजट में सार्थक उपाय क्यों नहीं किए गए? अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
सोने पर जमकर उड़ गई विदेशी मुद्रा
देश की अर्थव्यवस्था और खपत का हाल गजब है। सोने के भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। फिर भी अपने यहां सोने का आयात इस साल अप्रैल-जून की तिमाही में 35.5% बढ़ गया। साल भर पहले की समान अवधि में इस पर खर्च विदेशी मुद्रा 8.45 अरब डॉलर थी, जबकि इस साल 11.45 अरब डॉलर रही है। इससे देश का व्यापार घाटा बढ़ गया। ऊपर से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक धन निकालते जा रहे हैं। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी







