समय का पहिया बिना रुके चलता जा रहा है। एक संवत बीता। दूसरा शुरू हुआ। भारतीय शेयर बाज़ार के कारोबारी विक्रम संवत के हिसाब से नया साल मनाते हैं। बीते विक्रम संवत 2075 में निफ्टी ने 10.8% और सेंसेक्स ने 9.8% रिटर्न दिया है। लेकिन यह बढ़त मुठ्ठी भर स्टॉक्स तक सीमित रही। इस दौरान शेयर बाज़ार के अधिकांश निवेशकों का पोर्टफोलियो इस कदर टूटा कि वे बीते संवत को भुला नहीं पाएंगे। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी

गंगोत्री से गंगा की धारा के साथ बहते पत्थर का ऊबड़-खाबड़ टुकड़ा हज़ारों किलोमीटर की रगड़-धगड़ के बाद शिव बन जाता है, मंगल का प्रतीक बन जाता है। आंख में ज़रा-सा कण पड़ जाए तो हम इतना रगड़ते हैं कि वह लाल हो जाती है। लेकिन सीप में परजीवी घुस जाए तो वह उसे अपनी लार से ऐसा लपटेती है कि मोती बन जाता है। ऐसे ही हैं हमारे रीति-रिवाज़ और त्योहार जो हज़ारों सालों की यात्राऔरऔर भी

दीपावली का चक्र है। ऋतुओं का चक्र है। दीपावली को हम भले ही धन की देवी लक्ष्मी से जोड़ दें, लेकिन इसका असली वास्ता खेती के चक्र से रहा है। वहीं, धन का कोई चक्र नहीं होता। जहां से शुरू करो, वहीं से उसका चक्र बन जाता है। दीपावली का बहाना अच्छा है। कमाने का ख्याल अच्छा है। लेकिन सतर्क बुद्धि और सही दांव से कभी भी कमाया जा सकता है। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी

जो दिखता है, वह सच नहीं और जो सच है, वह तब तक नहीं दिखता जब तक कोई घोटाला न जाए। सच की ऐसी परदादारी देख किसी का भी विश्वास टूट सकता है। सोचिए, मार्च 2019 के अंत तक पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक का सकल एनपीए 3.76 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 2.19 प्रतिशत रहा था, जबकि इसी दौरान देश से सबसे बड़े बैंक एसबीआई का सकल एनपीए 7.53 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 3.01 प्रतिशत था।औरऔर भी

इस बार रीयल एस्टेट क्षेत्र दिवाली पर मात्र 20,849 नए मकान लॉन्च कर रहा है। यह संख्या पिछले साल 2018 की दिवाली की तुलना में मात्र एक-तिहाई है। तब भी लॉन्च हुई यूनिटों की संख्या 2017 से 25% कम रही थी। खास बात यह है कि इस बार लगातार सातवां त्योहारी सीजन है, जब रियल्टी कारोबार को सुस्ती का सामना करना पड़ा है। वैसे, बिल्डर ग्राहकों को पकड़ने पुरजोर कोशिश में लगे हैं। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी