समझें अपना टाइप, तभी करें ट्रेडिंग
शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग के किसी निर्णय पर पहुंचने से पहले यह तय करें कि आप किस श्रेणी या टाइप के ट्रेडर हैं। आपका माइंडसेट क्या है, कमाने का नज़रिया क्या है और आपकी विशेषताएं या दक्षताएं क्या हैं? अगर आपको अपनी श्रेणी का भान नहीं है और आप किसी दूसरे के अंदाज़ में ट्रेडिंग करना चाहेंगे तो तय मानिए कि आप नाकाम होने और अपनी ट्रेडिंग पूंजी गंवा देने को अभिशप्त हैं। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी
बताए कोई, कमाना पड़ता है आपको
कहां ट्रेडिंग करे, कौन-सा स्टॉक खरीदें या स्टॉक्स को छोड़ इंडेक्स डेरिवेटिव्स में ट्रेड करे? इन बातों पर प्रोफेशनल सलाह आप कहीं से ले सकते हैं। लेकिन इसके लिए आप साल की एक लाख रुपए फीस दें या महीने के 1100 रुपए, इन सलाहों से कमाना आपकी कुशलता और अनुशासन पर निर्भर करता है। बाहरी सलाह महज एक इनपुट है। बाकी सारा काम आपकी सर्तकता, समझ और निर्णय लेने की क्षमता करती है। अब सोम का व्योम…औरऔर भी
निवेश न करो, मगर चार्ज भरते रहो!
दशकों से अपने यहां शेयर बाज़ार के निवेशकों की संख्या बढ़ाने का अभियान चालू है। लेकिन ढाक के वही तीन पात। हां, ब्रोकरों की कमाई ज़रूर बढ़े जा रही है। वे हर डीमैट खाता खुलवानेवाले से एनुअल मेंटेनेन्स चार्ज लेते हैं। नए खातों के लिए 50,000 से लेकर दो लाख रुपए तक की होल्डिंग पर 100 रुपए। ज्यादा हो तो 300 रुपए। खाता सक्रिय न हो, तब भी। 18% जीएसटी अलग। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी
माहौल खराब है, तमाशा देखें दूर से
ट्रेडिंग के लिए बाज़ार के सामान्य होने का इंतज़ार करना चाहिए। इस बार बाज़ार गिरा तो गहरा आघात लगा सकता है। लेकिन कहां तक गिरने पर बाज़ार को सामान्य या स्थिर माना जाएगा। जानकारों के मुताबिक, निफ्टी गिरते-गिरते जब 11,200 से 11,350 की रेंज में आ जाए, तब माना जाएगा कि वह सामान्य अवस्था में लौट आया। फिलहाल ऐसा होने में देर है। तब तक रिटेल ट्रेडरों को दूर से तमाशा देखना होगा। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी







