चोट श्रम के सम्मान, गांवों की रीढ़ पर!
मनरेगा को खत्म कर लाए गए जी राम जी कानून से जिन 12 करोड़ गरीब परिवारों या प्रति परिवार औसत पांच सदस्य मानें तो 60 करोड़ गरीबों से रोज़गार का हक छीना जा रहा है, यकीनन वे देश के उन 81.35 करोड़ लोगों में शामिल होंगे, जिन्हें सरकार की तरफ से मुफ्त में हर महीने पांच किलो राशन दिया जाता है। अभी तक मनरेगा का लाभ लेनेवाले 60 करोड़ गरीबों का स्वाभिमान बचा हुआ था कि वेऔरऔर भी
काम का हक छीना, करोड़ों टुकड़खोर!
अभी राष्ट्रीय खातों की विसंगतियों और जीडीपी के आंकड़ों पर छाया संदेह का कोहरा छंटा भी नहीं था कि भारत सरकार ने मनरेगा को वापस लेकर जी राम जी का ऐसा बिल संसद से पास करा लिया जिसने एक झटके में देश के 12 करोड़ गरीब परिवारों से साल में 100 दिन सरकार से रोज़गार पाने का अधिकार छीन लिया। मुंह में राम, बगल में छूरी की कहावत को सच करते हुए कहने को नए विधेयक मेंऔरऔर भी
ट्रेडिंग व निवेश के साथ मेल उद्यम का
खुद अपने दम पर उद्यमी बने देश के 200 शीर्ष लोगों की मिलेनिया-2025 की सूची में ज़ोमैटो प्लेटफॉर्म चला रही कंपनी इटरनल के सीईओ दीपिंदर गोयल भले ही पहले नंबर पर हों, लेकिन दूसरे नंबर पर रहे राधाकृष्ण दामाणी ऐसी शक्सियत हैं जो शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग से लेकर निवेश व उद्यमिता की शानदार मिसाल हैं। उनके निवेश पोर्टफोलियो का मूल्य दो लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। 71 साल के हो चुके दामाणी ने स्टॉक-ब्रोकर रहेऔरऔर भी
रोज़गार का राम नाम सत्य क्यों व कैसे!
ढोल को कितनी भी ज़ोर से पीटा जाए, एक न एक दिन उसकी पोल खुल ही जाती है। मोदी सरकार ने देश के राष्ट्रीय खातों का जो हाल किया है, उसकी पोल अब आईएमएफ जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्था ने खोल दी है। सवाल पूछे जाने लगे हैं कि मुद्रास्फीति से लेकर जीडीपी तक के आंकड़े ज़मीनी हकीकत से मेल क्यों नहीं खाते? जब देश की लगभग 90% अर्थव्यवस्था अनौपचारिक या असंगठित क्षेत्र में है, तब 10% संगठित क्षेत्रऔरऔर भी






