फांस राष्ट्रीय खातों की, कसने लगा फंदा
देश के राष्ट्रीय आर्थिक आंकड़ों पर आईएमएफ के एतराज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रतिक्रिया को बेहयाई नहीं, केवल थेथरई कहा जा सकता है। मोदी तो अभी भी देश को राष्ट्रगीत वंदे मातरम तक के नामं पर 2047 विकसित बनाने का झांसा दिए जा रहे हैं। वहीं, निर्मला सीतारमण राष्ट्रीय खातों की विसंगतियों को महज आधार वर्ष को बदलने के तकनीकी पेंच में उलझा देना चाहती हैं। महोदया, असल सवाल यह हैऔरऔर भी







