अभी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को बने तीन साल भी पूरे नहीं हुए हैं। लेकिन उनकी अनुमानित ब्रांड वैल्यू 4.13 अरब डॉलर (18,585 करोड़ डॉलर) की हो गई है। पहले दौर में जनवरी 2008 में आठ टीमों की नीलामी से आईपीएल को जहां 72.36 करोड़ डॉलर (तब की विनिमय दर पर 2840 करोड़ रुपए) मिले थे, वहीं मार्च 2010 में दूसरे दौर में महज दो टीमों की नीलामी से उसे 70.33 करोड़ डॉलर (3200 करोड़ रुपए) मिलऔरऔर भी

रविवार को दोपहर बाद दुबई की गुमनाम ब्यूटीशियन सुनंदा पुष्कर ने आईपीएल की कोच्चि टीम की मालिकों में शुमार रॉनदिवू स्पोर्ट्स वर्ल्ड में मुफ्त में मिली 18 फीसदी इक्विटी पर अधिकार छोड़ने का ऐलान कर दिया तो रात गहराते-गहराते उनके करीबी दोस्त व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर भी मंत्रिमंडल से निपट गए। कांग्रेस हाईकमान के निर्देश के बाद थरूर अपना इस्तीफा लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने बिना लालबत्ती की गाड़ी में पहुंचे। प्रधानमंत्री ने उनकाऔरऔर भी

अंग्रेजी के शब्द स्वेट का हिंदी अनुवाद स्वेद या पसीना होता है। लेकिन विचित्र बात यह है कि कंपनियों में स्वेट इक्विटी बिना पसीना बहाए मिली इक्विटी को कहते हैं। कंपनी एक्ट के अनुच्छेद 79-ए के अनुसार यह कंपनी के ऐसे कर्मचारी या निदेशक को बिना पैसे लिए दी जाती है जो उसे अमूर्त आस्तियां उपलब्ध कराता है जैसे, बौद्धिक संपदा, तकनीकी जानकारी, पेटेंट, ब्रांड, कॉपीराइट। किसी अनलिस्टेड कंपनी में स्वेट इक्विटी की मात्रा कंपनी की कुलऔरऔर भी

देश के विदेशी मुद्रा बाजार में अभी तक केवल फ्यूचर सौदों की ही इजाजत है। लेकिन पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी मुद्रा के डेरिवेटिव उत्पादों का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसकी शुरुआत ऑप्शन सौदों से की जाएगी। यह बात आज सेबी के चेयरमैन सी बी भावे ने सिंगापुर में भारतीय वित्तीय बाजार पर आयोजित एक सम्मेलन में कही। इस सम्मेलन का आयोजन प्रमुख उद्योग संगठन सीआईआई (कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री) ने किया था। भावेऔरऔर भी

मुझे लग रहा था कि बाजार आज से ही यू-टर्न ले लेगा। एफआईआई के रुख से भी ऐसा लग रहा था। कल जो बिकवाली चली, वह तो रूटीन कामकाज का हिस्सा थी जब एफआईआई और ऑपरेटर ऐसा माहौल बनाने की कोशिश करते हैं जिससे ट्रेडर व निवेशक डर जाएं। और, ऐसा करने में वे सफल भी रहे। मुझे अच्छे-खासे लोगों ने फोन करके कहा कि बाजार बैठने वाला है। दूसरी अफवाह यह चली कि मौद्रिक नीति मेंऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी यूलिप के बारे में 14 जीवन बीमा कंपनियों के खिलाफ जारी आदेश पर अमल की राह में कोई अड़चन नहीं आने देना चाहती। इसलिए उसने जिन भी खास-खास राज्यों में इन 14 कंपनियों के मुख्यालय हैं, उनके हाईकोर्ट के पहले से ही कैविएट दाखिल कर दिया है। यह कैविएट एक तरह की आपत्ति सूचना या याचिका है जिसके बाद कोई भी कोर्ट सेबी के आदेश के खिलाफ स्टे ऑर्डर नहीं जारी करऔरऔर भी

केवल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में सूचीबद्ध कंपनी स्टाइलम इंडस्ट्रीज में कुछ तो खेल चल रहा है। कल इसका शेयर 40.95 पर बंद हुआ था। आज सुबह साढ़े नौ बजे के आसपास केवल दो शेयरों का सौदा हुआ और भाव गिरकर 39.20 पर आ गया। उसके बाद फिर अचानक 400 शेयरों का सौदा हुआ और भाव कूदकर 41.30 पर आ गए। इससे पहले बल्क सौदों में बडी डील 12 अप्रैल को एक लाख शेयरों की बिक्री कीऔरऔर भी

सेबी की अद्यतन जानकारी के मुताबिक उसके पास पंजीकृत विदेशी वेंचर कैपिटल निवेशकों की संख्या 144 है। इसमें से 140 मॉरीशस के हैं। केवल चार अन्य देशों के हैं जिसमें से दो सिंगापुर के और दो ही साइप्रस के हैं। असल में विदेशी निवेशक कहीं का भी हो, वह अपने को मॉरीशस का इसलिए दिखाता है क्योंकि भारत और मॉरीशस मे हुई संधि के तहत उसे भारत में निवेश पर हुई कमाई पर टैक्स नहीं देना पड़ता।औरऔर भी

जो लोग अपने समय से बहुत आगे या पीछे होते हैं, वे ज्यादा नहीं जीते। और, जो लोग अपने समय के साथ चलते हैं, वे दार्घायु होते हैं। समय के साथ प्रकृति का यही करार है। दोनों का यही तालमेल है।और भीऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने तय किया है कि किसी भी नए एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) और उनके सब-एकाउंट को पंजीकरण के समय यह घोषणा करनी पड़ेगी कि वह चंद निवेशकों के लिए काम करनेवाली पीसीसी (प्रोटेक्टेड सेल कंपनी) या एसपीसी (सेग्रिगेटेड पोर्टफोलियो कंपनी) नहीं हैं और न ही दूसरा नाम रखकर वह ऐसा कोई काम करता है। साथ ही अगर कोई एफआईआई व्यापक निवेशकों के आधार वाले एमसीवी (मल्टी क्लास वेहिकल) के रूप में कामऔरऔर भी