सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के 11 सरकारी चीनी मिलों के निजाकरण के खिलाफ दायर याचिका को स्वीकार कर लिया। लेकिन साथ ही कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 3 जून को इन 11 चीनी मिलों की नीलामी के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर सकती है। लेकिन अंतिम नतीजा इस बात से तय होगा कि खंडपीठ आखिर में क्या फैसला सुनाती है। असल में पत्रकार राजीव कुमार मिश्रा ने चीनी मिलोंऔरऔर भी

राठी बार्स को जब हमने 14 अप्रैल को खरीदने की सलाह दी थी, तब बीएसई में उसका भाव 16.15 रुपए था। आज 28 मई को उसका भाव चल रहा है 21.65 रुपए। इस तरह जिन्होंने उस समय इसके शेयर खरीदे होंगे, उन्हें 33 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिल रहा है। ऐसे में आप चाहें तो इससे बेचकर निकल सकते हैं क्योंकि डेढ़ महीने में इतना रिटर्न बहुत होता है। हालांकि आप चाहें तो अब भी इसमेंऔरऔर भी

जिन भारतीयों ने अपना काला धन स्विस बैंकों में रखा था, उन्होंने कानूनी शिकंजे से बचने के लिए नया तरीका ईजाद कर लिया है। वे इन गुप्त खातों से धन निकाल कर दुबई या सिंगापुर के फ्री ट्रेड ज़ोन की किसी कंपनी में लगाते हैं जहां उनसे धन का स्रोत नहीं पूछा जाता। कंपनी अपना कमीशन काटकर कुछ समय बाद स्विस बैंक में नया खाता खोलकर वही रकम कॉरपोरेट डिपॉजिट के रूप में डाल देती है औरऔरऔर भी

अंधविश्वासी व्यक्ति को अपार धन के बावजूद कभी भी वो खुशी नहीं मिल सकती है जो किसी उन्मुक्त मन को मिलती है। हर खुशी का स्रोत प्रकृति है और प्रकृति उसे ही देती है जो उससे डरता नहीं, दो-दो हाथ करता है।और भीऔर भी

ब्रेस्कॉन कॉरपोरेट एडवाइजर्स की एक बड़ी शेयरधारक फर्म पिंकी एक्जिबिटर्स प्रा. लिमिटेड ने गुरुवार को अपने 4,99,793 शेयरों में से 1,30,642 शेयर 102 रुपए के भाव पर बेच डाले। इन्हें तीन लोगों के नाम से खरीदा गया है। ये लोग हैं – रवींद्र कुमार तोशनीवाल (45,000 शेयर), रामेश्वर लाल तोशनीवाल (45,000 शेयर) और शालीन तोशनीवाल (40,642 शेयर)। केवल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड इस कंपनी के कुल 1,34,951 शेयरों के सौदे हुए जिसमें से डिलीवरी के लिएऔरऔर भी

केंद्र सरकार के पास उन 50 बड़े कर चोरों की सूची है जिन्होंने जर्मनी के लीचटेंस्टाइन शहर के एलजीटी बैंक में अपना काला धन रखा हुआ है। जर्मन सरकार ने पिछले साल अप्रैल में भी यह सूची भारत सरकार को दे दी है। सरकार चाहें तो इस सूची में शामिल नाम सार्वजनिक कर सकती है, लेकिन कर नहीं रही है। अमेरिकी सरकार भी अपने नागरिकों की ऐसी सूची जर्मनी से हासिल कर चुकी है और दोषी कर-चोरोंऔरऔर भी

वित्त वर्ष 2009-10 में बैकों व अन्य वित्तीय संस्साओं ने देश के 4.56 करोड़ किसानों को कर्ज दिया था। लेकिन चालू वित्त वर्ष 2010-11 में यह संख्या 5.50 करोड़ तक पहुंच जानी चाहिए। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के चेयरमैन उमेश चंद्र सारंगी ने एक समाचार एजेंसी को दिए गए इंटरव्यू में यह जानकारी दी है। सारंगी का कहना है कि इस साल के लिए निर्धारित कृषि ऋण 3.75 लाख करोड़ रुपए का है औरऔरऔर भी

देश के कई हिस्सों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब तक पहुंच जाने की अकुलाहट के बीच सुकून की खबर यह है कि मानसून अनुमान से दो दिन पहले ही दस्तक देने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के बादल 30 मई को केरल में प्रवेश कर जाएंगे। पुणे स्थित राष्ट्रीय जलवायु केंद्र के निदेशक डी शिवानंज पई का कहना है कि यूं तो केरल में बारिश शुरू हो चुकी है। लेकिन मानसून सेऔरऔर भी

शिवालिक बाईमेटल कंट्रोल्स का शेयर आज, गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में 12.20 फीसदी उछला है। दिन में यह 35.80 रुपए पर भी गया जो इसके 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर जो इसने 27 अप्रैल 2010 को हासिल किया था। वैसे, करीब दो महीने से इसमें इसी तरह ऊपर-नीचे हो रहा है। 5 अप्रैल को जब हमने इसकी चर्चा की थी, तब इसका भाव था 29.95 रुपए। उसी समय बाजार में सुगबुगाहट चल रही थी किऔरऔर भी

महाकवि कालिदास अपने समय के महान विद्वान थे। उनके कंठ में साक्षात सरस्वती का वास था। शास्त्रार्थ में उन्हें कोई पराजित नहीं कर सकता था। अपार यश, प्रतिष्ठा और सम्मान पाकर एक बार कालिदास को अपनी विद्वत्ता का घमंड हो गया। उन्हें लगा कि उन्होंने विश्व का सारा ज्ञान प्राप्त कर लिया है और अब सीखने को कुछ बाकी नहीं बचा। उनसे बड़ा ज्ञानी संसार में कोई दूसरा नहीं। एक बार पड़ोसी राज्य से शास्त्रार्थ का निमंत्रणऔरऔर भी