1 जनवरी 2011 से कोई भी नेता या अफसर म्यूचुअल फंड में निवेश करते वक्त अपनी पहचान नहीं छिपा सकता। उसे साफ-साफ बताना होगा कि वह एमपी, एमएलए या एमएलसी है कि नहीं। और, यह भी कि वह अगर नौकरशाह है तो सरकार के किस विभाग में काम करता है। यहां तक कि देश के वर्तमान व पुराने प्रधानमंत्री और राज्यों के वर्तमान व पूर्व मुख्यमंत्रियों या राज्यपालों तक को म्यूचुअल फंड में निवेश करते वक्त अपनेऔरऔर भी

देश के संसदीय इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब पूरे के पूरे सत्र में हंगामे और शोरगुल के अलावा एक भी काम नहीं हुआ। 9 नवंबर से शुरू और 13 दिसंबर को समाप्त हुए शीत्र सत्र ने संसद में गतिरोध का नया रिकॉर्ड बना दिया है। लेकिन सत्तारूढ़ दल विपक्ष की इस मांग को अब भी मानने को तैयार नहीं है कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच संसदीय समिति (जेपीसी) से कराई जाए। यूपीए सरकारऔरऔर भी

नवीन फ्लूवोरीन इंटरनेशनल (बीएसई – 532504, एनएसई – NAVINFLUOR) शुक्रवार को 52 हफ्ते के न्यूनतम स्तर 253 रुपए तक गिरने के बाद 261.05 रुपए पर बंद हुआ है। पिछले एक महीने में यह 25 फीसदी से ज्यादा टूटा है। 12 नवंबर को ऊपर में 340 रुपए तक चला गया था और 10 दिसंबर तो 253 रुपए तक नीचे चला गया। अगर यह गिरावट आनी ही थी तो 19 अक्टूबर के आसपास आनी चाहिए थी क्योंकि उस दिनऔरऔर भी

कोई हमारा हालचाल पूछ लेता है। सलाम कर देता है। और, हम अपने बारे में भ्रम के शिकार हो जाते हैं। नहीं जानते कि सामने वाला अपनी जरूरत से जोड़कर हमें देखता है। जरूरत खत्म तो मान भी खत्म।और भीऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी शेयर बाजार के सौदों पर नजर रखने के लिए नवीनतम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने लगी है। साथ ही वह अपने निगरानी विभाग में ऐसा सॉफ्टवेयर टूल लगा रही है जिससे फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइटों पर शेयरों को लेकर पेश की गई सूचनाओं व टिप्स का विश्लेषण किया जाएगा। समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट के मुताबिक सेबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उसे बताया कि नया सॉफ्टवेयर फेसबुक व ट्विटर जैसीऔरऔर भी

हम अलग, तुम अलग। हर जीव अलग, जंतु अलग। पर आकाश वही है, धरती वही है, सारी प्रकृति वही है। अणु वही, परमाणु वही है। फिर, कोई एक नियम भी तो होगा जिससे सारे नियम चलते होंगे!और भीऔर भी

यह अवचेतन में समाए अधूरेपन के बीच पूर्णता की तलाश है जो हम हमेशा नए से नया खोजते रहते हैं। हर नई चीज को देखकर पूछते हैं – इसमें नया क्या है? नए की यह निरंतर तलाश ही हमें ज़िंदा रखती है।और भीऔर भी

दो महीने तक लस्टम-पस्टम चलने के बाद देश की औद्योगिक विकास दर फिर दहाई अंक में आ गई है। औदियोगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) से नापी जानेवाली यह दर अक्टूबर में 10.8 फीसदी रही है, जबकि अगस्त में यह 6.91 फीसदी और सितंबर में मात्र 4.4 फीसदी ही थी। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोटेंक सिंह आहूलवालिया अक्टूबर के आंकड़ों से इतने उत्साहित हैं कि कहने लगे हैं कि यह (आईआईपी की विकास दर) पूरे वित्त वर्ष 2010-11 मेंऔरऔर भी

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) राजधानी दिल्ली में होनेवाले संपत्ति के लेन-देन संबंधी सभी मामलों को सार्वजनिक करने पर विचार कर रहा है। इस बारे में उसने दिल्ली सरकार से उसकी राय पूछी है। मामला आरटीआई एक्ट (सूचना अधिकार कानून) के तहत दाखिल एस पी मनचंदा के आवेदन से जुड़ा है। उन्होंने दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग से 2000 में उसकी संपत्ति के व्यापार से जुड़ी पंजीकरण जानकारी मांगी थी। लेकिन उन्हें बताया गया कि विभाग संपत्ति केऔरऔर भी

भारत में कुल प्रजनन दर (टीएफआर) 2005 से 2008 के बीच 2.9% से घटकर 2.6% पर आ गई है। देश के 35 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में से 14 ने 2.1% का टीएफआर स्तर हासिल कर लिया है यानी वहां की जनसंख्या अब ठहर गई है। चार राज्यों दमन-दीव, उड़ीसा, जम्मू-कश्मीर और त्रिपुरा में यह दर 2.2 से 2.5% और सात अन्य राज्यों में 2.6 से 3% के बीच है। बाकी दस राज्यों – बिहार, उत्तर प्रदेश,औरऔर भी