बिगड़ा मौसम निकालेगा अवाम का तेल!

अल-नीनो के चलते देश में चक्रवातों का हमला जारी है। पहले अरनब चक्रवात ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल से लेकर मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों तक उत्पाद मचाया। अब मुरासु चक्रवात ने भारी बारिश व तूफान के साथ आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु पर धावा बोल दिया है। इस बीच जून से सितंबर तक का चार महीने का मानसून सीज़न खत्म हो चुका है और इस दौरान बारिश सामान्य से 13% कम, 87% ही रही है। साल 2001 के बाद चौथी बार इतनी कम बारिश हुई है। मानसून बीतने के बाद अल-नीनो की मार मार्च तक जारी रहेगी। इससे देश में कृषि, जल प्रबंधन व ठंड के मौसम पर असर पड़ेगा। बाकी फसलों को छोड़ भी दें तो 2026-27 में देश में तिलहन की पैदावार घट सकती है। नतीज़तन, देश में खाद्य तेलों का उत्पादन पिछले साल के 97 लाख टन से घटकर 92 लाख पर आ सकता है। जानकारों का कहना है कि इससे हमारी आयात निर्भरता 168 लाख टन से बढ़कर 172 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। बता दें कि केंद्र सरकार ने बड़े ज़ोर-शोर से अगस्त 2021 में देश को खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाने का राष्ट्रीय मिशन शुरू किया था। लेकिन आज भी देश में 264 लाख टन की मांग का 60% से ज्यादा हिस्सा आयात से पूरा किया जाता हैं। क्या यह भारत जैसे कृषि-प्रधान देश के लिए बेहद  शर्म की बात नहीं है? अब बुधवार की बुद्धि…

यह कॉलम सब्सक्राइब करनेवाले पाठकों के लिए है.
'ट्रेडिंग-बुद्ध' अर्थकाम की प्रीमियम-सेवा का हिस्सा है। इसमें शेयर बाज़ार/निफ्टी की दशा-दिशा के साथ हर कारोबारी दिन ट्रेडिंग के लिए तीन शेयर अभ्यास और एक शेयर पूरी गणना के साथ पेश किया जाता है। यह टिप्स नहीं, बल्कि स्टॉक के चयन में मदद करने की सेवा है। इसमें इंट्रा-डे नहीं, बल्कि स्विंग ट्रेड (3-5 दिन), मोमेंटम ट्रेड (10-15 दिन) या पोजिशन ट्रेड (2-3 माह) के जरिए 5-10 फीसदी कमाने की सलाह होती है। साथ में रविवार को बाज़ार के बंद रहने पर 'तथास्तु' के अंतर्गत हम अलग से किसी एक कंपनी में लंबे समय (एक साल से 5 साल) के निवेश की विस्तृत सलाह देते हैं। इस कॉलम को पूरा पढ़ने के लिए आपको यह सेवा सब्सक्राइब करनी होगी। सब्सक्राइब करने से पहले शर्तें और प्लान व भुगतान के तरीके पढ़ लें। या, सीधे यहां जाइए।
अगर आप मौजूदा सब्सक्राइबर हैं तो यहां लॉगिन करें...

Existing Users Log In
   
New User Registration
Please indicate that you agree to the Terms of Service *
captcha
*Required field