जो भागे वो रोएंगे, जो डटे रहे वो हंसेंगे!

ईरान युद्ध अंततः खत्म होने जा रहा है। होर्मुज़ स्ट्रैट से कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति जल्दी ही बहाल हो जाएगी। कच्चे तेल के दाम 80-85 डॉलर प्रति बैरल पर आ चुके हैं। शेयर बाजार फिर से उछलने के मुहाने पर है। बाज़ार में उत्साह लौटने लगा है क्योंकि 15 हफ्तों के चल रहा कंटक अब कटने को है। लेकिन इस दौरान जो शेयर बाज़ार से सब बेच-बाचकर निकल लिए, उनके लिए पछताने का दौर है। जिन्होंने म्यूचुअल फंड में अपनी एसआईपी रोक दी, उनके लिए भी। मई में म्यूचुअल फंड इक्विटी स्कीमों में एसआईपी एक साल के न्यूनतम स्तर ₹30,954 करोड़ पर आ गई। वहीं, इस दौरान निवेशकों ने इन स्कीमों से ₹64,021 करोड़ निकाल लिए। ऐसा 2009 में वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान हुआ था और 2020 में कोविड महामारी के दौरान भी। दिक्कत है कि डर व अफरातफरी के बढ़ने पर खरीदने और लालच व उन्माद बढ़ने पर बेच देने का ऐतिहासिक सबक अधिकांश निवेशकों को याद नहीं रहता। लेकिन जिन मुठ्ठी भर स्मार्ट निवेशकों ने यह सबक याद रखा, एसआईपी जारी रखी और गिरे हुए भावों पर मजबूत व संभावनाओं से भरी कंपनियों के शेयर खरीदे, उनके लिए अगले कुछ साल हंसने और मुस्कराने के होंगे। अब तथास्तु में आज की कंपनी…

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