जब दुनिया एप्सटीन फाइलों के खुलासों से निकलकर अमेरिका व इज़राइल द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध के चलते समूचे मध्य-पूर्व मे फैली अशांति में उलझी हुई थी और हम देश में कच्चे तेल व गैस की आपूर्ति का हिसाब लगा रहे थे, उसके ठीक पहले सरकार ने अर्थव्यवस्था या जीडीपी के साथ बड़ा खेला कर दिया। उसने राष्ट्रीय खातों के डेटा की नई सीरीज़ जारी कर दी, जिसमें जीडीपी और जीवीए की गणना का आधार वर्ष 2011-12 से बढ़ाकर 2022-23 कर दिया है। इसके अलावा भी कई बदलाव किए गए हैं, देश की अर्थव्यवस्था के सही आकलन के लिए जिन्हें जानना बेहद ज़रूरी है। जैसे, कृषि को पशुपालन, फॉरेस्ट्री व फिशिंग के साथ मिलाकर एक क्षेत्र बना गया है। इसका हिस्सा अर्थव्यवस्था में मैन्यूफैक्चरिंग के 15% से भी ज्यादा 18% हो गया है। अब जीडीपी की असल विकास दर की गणना के लिए कृषि और मैन्यूफैक्चरिंग में दोहरे डिफ्लेटर का इस्तेमाल किया जाएगा। लागत सामग्रियों के लिए अलग और उत्पादन के लिए अलग। बाकी क्षेत्रों, खासकर सेवा क्षेत्र के लिए वोल्यूम आधारित एकल डिफ्लेटर का इस्तेमाल होगा। नई सीरीज़ में देश के असंगठित या अन-इनकॉरपोरेटेड क्षेत्र की स्थिति को नियमित रूप से कैप्चर करने की व्यवस्था है। इसमें जीएसटी के डेटा के व्यापक व तर्कसंगत उपयोग का पुख्ता इंतज़ाम भी किया गया है। अब सोमवार का व्योम…
यह कॉलम सब्सक्राइब करनेवाले पाठकों के लिए है.
'ट्रेडिंग-बुद्ध' अर्थकाम की प्रीमियम-सेवा का हिस्सा है। इसमें शेयर बाज़ार/निफ्टी की दशा-दिशा के साथ हर कारोबारी दिन ट्रेडिंग के लिए तीन शेयर अभ्यास और एक शेयर पूरी गणना के साथ पेश किया जाता है। यह टिप्स नहीं, बल्कि स्टॉक के चयन में मदद करने की सेवा है। इसमें इंट्रा-डे नहीं, बल्कि स्विंग ट्रेड (3-5 दिन), मोमेंटम ट्रेड (10-15 दिन) या पोजिशन ट्रेड (2-3 माह) के जरिए 5-10 फीसदी कमाने की सलाह होती है। साथ में रविवार को बाज़ार के बंद रहने पर 'तथास्तु' के अंतर्गत हम अलग से किसी एक कंपनी में लंबे समय (एक साल से 5 साल) के निवेश की विस्तृत सलाह देते हैं।
इस कॉलम को पूरा पढ़ने के लिए आपको यह सेवा सब्सक्राइब करनी होगी। सब्सक्राइब करने से पहले शर्तें और प्लान व भुगतान के तरीके पढ़ लें। या, सीधे यहां जाइए।
अगर आप मौजूदा सब्सक्राइबर हैं तो यहां लॉगिन करें...
