ऑक्सीजन है, तभी तक जीवन है। इसके बिना शरीर बेजान हो जाता है। इसी तरह जानकारी लोकतंत्र का ऑक्सीजन है। इसके बिना वो भीड़तंत्र है, जिसे कोई भी भावनाओं को भड़का कर हांक सकता है।
2011-09-04
ऑक्सीजन है, तभी तक जीवन है। इसके बिना शरीर बेजान हो जाता है। इसी तरह जानकारी लोकतंत्र का ऑक्सीजन है। इसके बिना वो भीड़तंत्र है, जिसे कोई भी भावनाओं को भड़का कर हांक सकता है।
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