मजबूर सरकारें बेहतर होतीं मजबूत से

सवाल उठता है कि आर्थिक विकास को गति देने के मामले में गठबंधन की सरकारें आखिर एकदलीय सरकारों से बेहतर काम क्यों करती हैं? इसका एक कारण यह हो सकता है कि एकदलीय सरकार को अपनी सत्ता का दंभ होता है। इसलिए वो मुठ्ठी भर नेताओं के दिमाग या सत्ता समीकरण को साधने की नीयत से मनमर्जी से नीतियां थोपती हैं, जबकि गठबंधन सरकारों को मजबूरी में सबको साथ लेकर चलना पड़ता है। अब गुरु की दशा-दिशा…

यह कॉलम सब्सक्राइब करनेवाले पाठकों के लिए है.
'ट्रेडिंग-बुद्ध' अर्थकाम की प्रीमियम-सेवा का हिस्सा है। इसमें शेयर बाज़ार/निफ्टी की दशा-दिशा के साथ हर कारोबारी दिन ट्रेडिंग के लिए तीन शेयर अभ्यास और एक शेयर पूरी गणना के साथ पेश किया जाता है। यह टिप्स नहीं, बल्कि स्टॉक के चयन में मदद करने की सेवा है। इसमें इंट्रा-डे नहीं, बल्कि स्विंग ट्रेड (3-5 दिन), मोमेंटम ट्रेड (10-15 दिन) या पोजिशन ट्रेड (2-3 माह) के जरिए 5-10 फीसदी कमाने की सलाह होती है। साथ में रविवार को बाज़ार के बंद रहने पर 'तथास्तु' के अंतर्गत हम अलग से किसी एक कंपनी में लंबे समय (एक साल से 5 साल) के निवेश की विस्तृत सलाह देते हैं। इस कॉलम को पूरा पढ़ने के लिए आपको यह सेवा सब्सक्राइब करनी होगी। सब्सक्राइब करने से पहले शर्तें और प्लान व भुगतान के तरीके पढ़ लें। या, सीधे यहां जाइए।
अगर आप मौजूदा सब्सक्राइबर हैं तो यहां लॉगिन करें...

Existing Users Log In
   
New User Registration
* Please indicate that you agree to the Terms of Service
captcha
*Required field