उठने का रुख संस्थाएं तो गिरने का रुख रिटेल

शेयर बाज़ार में चढाई का रुख मुख्य रूप से देशी-विदेशी निवेशक संस्थाएं, बैंक व प्रोफेशनल ट्रेडर तय करते हैं। लगभग 90% चढ़ान इन्हीं की बदौलत तय होती है। फिर ये अपनी खरीद थामकर बैठ जाते है। बाकी 10% चढ़ाई रिटेल निवेशक पूरी तरह करते हैं। इनकी खरीद के दौरान संस्थागत व प्रोफेशनल निवेशक ताश के पत्ते फेंटते रहते हैं। लेकिन उसके बाद बाज़ार के गिरने का रुख केवल और केवल बाज़ार के 95% रिटेल निवेशक/ट्रेडर करते हैं। उस वक्त संस्थाएं व प्रोफेशनल ट्रेडर बेचकर मुनाफा कमाते हैं। शेयर बाज़ार का यह शाश्वत सच बन गया है। लेकिन इसे बदला जा सकता है। अब मंगलवार की दृष्टि…

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