सोचते इंसान से हारती है अल्गो ट्रेडिंग
अल्गोरिदम ट्रेडिंग या हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग का नाम आपने सुना ही होगा। जानते भी होंगे कि इसमें ट्रेडिंग का सारा काम कंप्यूटर सॉफ्टवेयर करते हैं। करोड़ों का दांव खेलनेवाली संस्थाएं इस तरह की ट्रेडिंग का सहारा लेती है। हमें पांच-दस फीसदी की कमाई चाहिए होती है, जबकि अल्गो ट्रेडिंग में पांच-दस पैसे का लाभ एक-एक दिन में लाखों की कमाई करा देता है। सवाल उठता है कि क्या इस हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग का मुकाबला हम जैसे आमऔरऔर भी
रिश्तों का ग्लिच
टेक्नोलॉजी रिश्तों को घर-परिवार की सीमा से निकालकर अनंत वर्चुअल विस्तार दे देती है। लेकिन उसका हल्का-सा ग्लिच भी इन रिश्तों को खटाक से तोड़ देता है। फिर बच जाती है एक कचोट और यह अहसास कि हम कितने असहाय हो गए हैं।और भीऔर भी
कद्र अच्छे लोगों की
धन से टेक्नोलॉजी खरीदी जा सकती है, ज्ञान भी खरीदा जा सकता है। लेकिन अच्छे लोग नहीं। अच्छे लोग किसी भी संगठन के लिए धरोधर होते हैं, जबकि बुरे लोग बोझ। अगर कहीं अच्छे लोगों की कद्र नहीं है तो समझ लीजिए कि वह संगठन लंबा नहीं चलेगा।और भीऔर भी
प्रकृति और समय
यहां सब कुछ बदलता है हर पल। घूमता है, चलता नहीं। एक चक्र है जिसमें चीजें जहां से चली थीं, घूम-फिरकर वहीं कहीं आसपास आ जाती हैं। हां, समय चलता है निरंतर! लेकिन समय तो एक टेक्नोलॉजी है जिसे प्रकृति ने नहीं, हमने ईजाद किया है।और भीऔर भी
रोजगार गारंटी योजना का लीकेज रोका जाएगा
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के वितरण तंत्र को दुरूस्त करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि ‘लीकेज’ को दूर करने और पारदर्शिता को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल एक बेहतर साधन हो सकता है । प्रधानमंत्री ने मनरेगा के तहत काम करने वाले सभी मजदूरों का बायोमेट्रिक डाटाबेस तैयार करने और इसका इस्तेमाल हाजिरी और मजदूरी के भुगतान जैसे कामों में किये जाने केऔरऔर भी


