समय कभी पीछे नहीं चलता। हर नई चीज पहले जैसी दिखती हुई भी उससे भिन्न होती है। नए की मांग अलग, नई समस्या का समाधान अलग। इसलिए पीछे मुड़कर न देखें क्योंकि यहां न तो पुराने कपड़ों और न ही पुराने विचारों से काम चलेगा।  और भीऔर भी

हमें दूर का सब दिखता है। जो नहीं दिखता, उसे भी देखने का सरंजाम कर लेते हैं हम। लेकिन पास की चीजें नहीं देख पाते हम, जबकि समाधान आसपास ही मौजूद है जिसके लिए दूर जाने की जरूरत नहीं।और भीऔर भी

ऐसी चिंता का क्या फायदा जो किसी समाधान तक आपको न पहुंचा सके? जो आपको भंवरजाल में फंसाकर अनागत के भय के दलदल में डाल दे, वैसी चिंता को ठोकर मारकर आगे निकल जाना चाहिए।और भीऔर भी