बाजार आज थोड़ा दबकर बंद हुआ। हालांकि मेरा अंदाज था कि एनएवी के चक्कर में खरीद ज्यादा होगी। मुझे लगता है कि ज्यादातर फंड मैनेजर अपने कामकाज व उपलब्धि से खुश हैं और आखिरी वक्त पर उन्हें एनएवी की खास पड़ी नहीं है। असल में यह वित्तीय साल म्यूचुअल फंडों के लिए जबरदस्त रहा है। वैसे, स्मॉल व मिड कैप शेयरों में सक्रियता बनी रही। फंडिंग की रुकावट दूर हो चुकी है और नई खरीद होने लगीऔरऔर भी

मिहिर शर्मा एक नौकरीपेशा शख्स हैं। कुछ साल पहले तक महीने की तनख्वाह 35 हजार रुपये थी। अब यही कोई 65 हजार पाते हैं। पहले कैश सेगमेंट में सीधे कंपनी के शेयर खरीदते थे, डिलीवरी लेते थे। मौका पाने पर बेचकर हजार-दो हजार की कमाई कर लेते थे। जनवरी 2008 के बाद अपने ढाई लाख के निवेश पर करीब डेढ़ लाख का घाटा खाने के बाद उन्होंने रणनीति बदल दी है। अब वे सीधे कंपनी के शेयरोंऔरऔर भी

खाद्य मंत्रालय ने घोषणा की है कि इस साल खाद्यान्न उत्पादन 160 लाख टन रहेगा जो 145.7 लाख टन के अनुमान से करीब 9 फीसदी ज्यादा है। मेरी राय में यह खाद्य पदार्थों से उपजी मुद्रास्फीति को नीचे लाने के लिए पर्याप्त है। मुद्रास्फीति वैसे भी इस समय बहुत ज्वलंत मुद्दा बनी हुई है और खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति में कमी का हर संकेत स्वागतयोग्य है। दूसरी तरफ इस तिमाही में कंपनियों की आय शानदार रहेगी। अमेरिकीऔरऔर भी

बाजार का रुख आज अच्छा और स्थिर रहा क्योंकि वित्त वर्ष के अंत में अब बस दो दिन ही बचे हैं। बाजार का रुख तय करने में कुछ हद तक एनएवी (शुद्ध आस्ति मूल्य) के दबाव की भी भूमिका है। दुनिया के बाजार भी स्थिर हैं। मेरा मानना है कि इस अप्रैल में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की कोई संभावना नहीं है। फिर भी असल में क्या होता, इसे बता पाना किसे के लिए संभव नहीं है।औरऔर भी

आईपीएल के मूल्याकंन पर हमारे विचार न केवल एक्सक्लूसिव थे, बल्कि बाजार की उम्मीदों से काफी जुदा थे। कोई भी एनालिस्ट आईपीएल के लिए 22.5 करोड़ डॉलर से ऊपर नहीं जा सका क्योंकि एक तो उनके पास सही नजरिया नहीं है और दूसरे वे आशावादी से कहीं ज्यादा निराशावादी हैं। हालांकि हमने इंडिया सीमेंट पर अपनी रिपोर्ट मे शुरुआत में इसका मूल्य 25 करोड़ डॉलर आंका था। लेकिन हमने यकीन के साथ कहा था कि यह 30औरऔर भी

शुक्रवार को रिजर्व बैंक की घोषणा से पहले ही हमने कह दिया था कि ब्याज दरें बढ़नेवाली है। इसी आधार पर हमने स्टैंडर्ड एंड पुअर्स की तरफ से भारत की रेटिंग में सुधार के बावजूद निफ्टी के लिए ऊपरी सीमा 5280 रखी थी। उसी दिन देर शाम को रिजर्व बैंक ने रेपो और रिवर्स रेपो की दरें बढ़ाकर ब्याज दरों में वृद्धि का आधार तैयार कर दिया। इसके प्रभाव से अनुमान के अनुरूप बाजार आज 200 अंकऔरऔर भी

एक चैनल पर मैं उसी शख्स को देख रहा था जिसने दावा किया था कि निफ्टी 3800 तक गिर जाएगा। मैं उसका चेहरा देखता रह गया क्योंकि वो अब भी कह रहा था कि बाजार में कोई दम नहीं है, तेजी जल्दी ही पिघल जाएगी और अभी कुछ नहीं, बस शॉर्ट कवरिंग चल रही है और बाजार गिरावट के मुहाने पर खड़ा है। अब भी वह शख्स दावे के साथ कह रहा था कि 3800 नहीं तोऔरऔर भी

मैं यह पढ़कर सचमुच दंग रह गया कि दुनिया के सबसे अच्छे जानकार कह रहे हैं कि हाथी (भारत) नाच रहा है। विश्व की एक अन्य प्रमुख संस्था ने आज कहा कि जापान के अलावा बाकी एशिया के शेयर बाजार कई सालों के तेजी के दौर में प्रवेश कर रहे हैं। इस बारे में मैं अपने विचार तब ही व्यक्त कर चुका हूं, जब कोई भी शेयरों पर दांव लगाने को तैयार नहीं था। बाजार पर नजरऔरऔर भी

चार्ट की महिमा बघारनेवाले ज्यादातर टेक्निकल एनालिस्ट 14000 से 12000 की तलहटी खोजने में लगे रहे, लेकिन बीएसई सेंसेक्स आज 17000 की ऊंचाई तक जा पहुंचा। मैं आपका ध्यान पहले ही एलआईसी की उस टिप्पणी पर खींच चुका हूं, जिसमें मार्च के अंत तक सेंसेक्स के 17500 तक पहुंचने की इच्छा जताई गई थी। अभी हम मार्च की शुरुआत में हैं और सेंसेक्स 17000 पर पहुंच चुका है। 10 मार्च को एनएमडीसी का 200-300 अरब डॉलर काऔरऔर भी

अब तक के इतिहास में केवल वीपी सिंह ऐसे वित्त मंत्री रहे हैं जिन्होंने बाजार बंद रहने के दिन, शनिवार को बजट पेश किया था। इस बार का बजट भी इस मायने में पहला है कि इसके बाद लगातार तीन दिन की छुट्टियां पड़ रही हैं। शनिवार, रविवार और फिर सोमवार को होली। इसलिए हमारे माननीय वित्त मंत्री अपने बजट प्रस्तावों पर बाजार की पूरी प्रतिक्रिया जानने से तीन दिन तक महरूम रह जाएंगे। अमूमन बजट शेयरऔरऔर भी