नासमझ लेते रिस्क, समझदार नहीं
क्या शेयर बाज़ार शुद्ध सट्टा है? हमारे तमाम सांसद यही मानते हैं। इसलिए वे नहीं चाहते कि पेंशन स्कीम का फंड शेयरों में लगे। नए लोगों को लगता है कि ट्रेडिंग में जबरदस्त थ्रिल व एडवेंचर है और यहां आसानी से नोट बनाए जा सकते हैं। जितना रिस्क, उतना रिटर्न! लेकिन हकीकत यह है कि थ्रिल, एडवेंचर और रिस्क उठानेवाले ट्रेडिंग में हमेशा मुंह की खाते हैं। प्रोफेशनल ट्रेडर रिस्क नहीं लेता। अब करें बाज़ार का रुख…औरऔर भी
मनरेगा का कैग ऑडिट इस साल शीत सत्र तक
इस साल संसद के शीत सत्र के अंत तक सभी राज्यों में चल रही मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना) के कामकाज का ऑडिट संसद के सामने रख दिया जाएगा। यह ऑडिट भारत के नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (सीएजी) की तरफ से किया जाएगा। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने सोमवार को राजधानी दिल्ली में सीएजी से मुलाकात के बाद यह घोषणा की। मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए श्री रमेश ने कहा कि अक्तूबर केऔरऔर भी
बढ़ेंगे फिर तेजी से, लेकिन अब भी है ठीक: राष्ट्रपति
देश की अर्थव्यवस्था जल्दी ही 8-9 फीसदी की ऊंची सालाना विकास दर की राह पर वापस आ जाएगी। यूपीए सरकार की मुखिया के रूप में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सोमवार को यह दावा किया। वे संसद के बजट सत्र के पहले दिन राज्यसभा और लोकसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक विकास दर भी अच्छी है। बता दें कि हमारी अर्थव्यवस्था की विकास दर साल भर के 8.4 फीसदी सेऔरऔर भी
सरकार की सफाई, लकवे का शिकार कहना बेतुका
सरकार ने खुद को लकवा का शिकार कहने को सरासर गलत बताया है। उसके बचाव का मोर्चा संभाला है गृह मंत्री पी चिदम्बरम और संसदीय कार्य व जल संसाधन मंत्री पवन कुमार बंसल ने। उन्हीं के शब्दों में, “यह कहना कि सरकार को लकवे ने जकड़ रखा है, पूरी तरह से ग़लत, अस्वीकार्य और बेतुका तर्क है।” इन मंत्रीगणों से गुरुवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन विधेयकों के बारे में विस्तार सेऔरऔर भी
लोकपाल पर सोनिया को बहस के लिए ललकारा
देश की आवाज़ बन चुके गांधीवादी कार्यकर्ता अण्णा हज़ारे ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को ललकारा है कि अगर उन्हें लगता कि सरकार द्वारा तैयार लोकपाल विधेयक इतना अच्छा है तो खुली बहस में सबसे सामने इसे साबित करके दिखाएं। वैसे, सरकार लोकपाल विधेयक संसद में पेश कर रही है, जिस पर पूरी बहस की तैयारी है। बहस के लिए संसद का शीतसत्र 27 से 29 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। गुरुवार को महाराष्ट्र के अपनेऔरऔर भी
लोकपाल पर अण्णा गरम तो सरकार पड़ी नरम
लोकपाल विधेयक पर सरकार अण्णा हज़ारे के आक्रामक तेवर के आगे नरम पड़ती दिख रही है। एक तरफ मुंबई के बांद्रा कुरला कॉम्प्लेक्स के एमएमआरडीए मैदान में हज़ारे को 27 दिसंबर से 15 दिनों तक अनशन करने की सरकारी अनुमति मिल गई है। वहीं, इसकी नौबत न ही आए, इसके लिए कल, मंगलवार दोपहर दो बजे विधेयक को अंतिम रूप देने के लिए कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के मुताबिक विधेयक काऔरऔर भी




