बंद आंखों के सपने हमें अधूरी चाहतों व वर्जनाओं से मुक्त कराते हैं, जबकि खुली आंखों के सपने दुनिया को जीतने का हौसला देते हैं। इसलिए खुली आंखों से बंद आंखों के सपने देखना अच्छी बात नहीं है।और भीऔर भी

हम सभी बचपन से लेकर बड़े होने तक सुरक्षा के आदी हो जाते हैं। बचपन में मां-बाप की सुरक्षा, बड़े होने पर नौकरी की सुरक्षा। लेकिन बहुत सारी अनुभूतियां सुरक्षा का दायरा तोड़े बिना नहीं मिलतीं और हम अधूरे रह जाते हैं।और भीऔर भी