मौके का मान, पूंजी बचाने पर ध्यान
सहज-सी बात है कि लोगबाग जब बाज़ार में मौका देखते हैं, तभी अपना धन दांव पर लगाते हैं। गलती हो जाए तो इसका खामियाज़ा खुद भुगतते हैं और अपना दांव सुधार लेते हैं। इस तरह बराबर सीखते और खुद को दुरुस्त करते रहते हैं। लेकिन कुछ लोग चंद सौदों पर सारी ट्रेडिंग पूंजी लगा देते हैं और सीखने-समझने का आधार ही गंवा देते हैं। इस तरह के लोगों को कोई नहीं बचा सकता। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी
