सागर की अतल गहराई नापी जा सकती है। लेकिन सतह पर बैठे हुए खुलती परतों की गहराई नापना बेहद मुश्किल है क्योंकि हर परत एक नई दुनिया खोल देती है, पुरानी ही दुनिया को नए मायने दे देती है और आप अनंत गहराइयों में उतरते चले जाते हैं।और भीऔर भी

कानून ही लंबे समय में व्यापक सामाजिक स्वीकृति पाने के बाद नैतिकता बन जाते हैं। फिर भी नैतिकता सर्वकालिक नहीं होती। किसी नैतिक मानदंड के सही होने का एक ही पैमाना है कि वह व्यापक समाज के वर्तमान व भावी हित में है या नहीं।और भीऔर भी