शेयरों की तेज़ी अर्थव्यवस्था की मजबूती नहीं
समझना होगा कि मसला शेयर बाज़ार का नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था की ताकत का है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भले ही ठहराव हो, बावजूद इसके वह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत इतने विशाल प्राकृतिक व मानव संसाधनों के बावजूद विश्व में छठे नंबर की अर्थव्यवस्था है। प्रति व्यक्ति जीडीपी की बात करें तो भारत दुनिया में 148वें नंबर पर है। इसलिए भारतीय और अमेरिकी शेयर बाज़ार के पी/ई का समान होना हास्यास्पद है। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी
