कालेधन को साफ करने की जिस वैतरणी के लिए सरकार ने देश के 26 करोड़ परिवारों को तकलीफ की भंवर में धकेल दिया, वह दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ती हमारी अर्थव्यवस्था के लिए कर्मनाशा बनती दिख रही है। आईएमएफ जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगठन तक ने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास का अनुमान 7.6 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है, जबकि चीन का अनुमान 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है। यह केंद्र सरकारऔरऔर भी

विश्व बैंक ने भारत में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका परियोजना (एनआरएलपी) के लिए एक अरब डॉलर (करीब 4500 करोड़ रुपए) का ऋण मंजूर किया है। विश्व बैंक का कहना है कि इस राशि से हाल ही में शुरू हुए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन पर अमल ज्यादा अच्छी तरह से हो सकेगा। यह मिशन दुनिया में सबसे बड़े गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों में से एक है। करीब 7.7 अरब डॉलर के इस मिशन का लाभ लगभग 35 करोड़ लोगों कोऔरऔर भी

एक तरफ केरल सरकार कह रही है कि तिरुअनंतपुरम के श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के तहखानों में मिली एक लाख करोड़ रुपए की दौलत वहीं रहने दी जाए, वहीं उसे राज्य की ग्राम पंचायतों व नगरपालिकाओं को मजबूत बनाने के लिए विश्व बैंक से 20 करोड़ डॉलर (करीब 900 करोड़ रुपए) का ऋण लेना पड़ रहा है। केरल को यह ऋण देने के लिए सोमवार को तिरूअनंतपुरम में भारत सरकार और विश्व बैंक के बीच समझौते पर हस्ताक्षरऔरऔर भी

भारत ने अपने सभी पड़ोसी देशों को 10-10 करोड़ डॉलर का सस्ता कर्ज मुहैया कराने की प्रतिबद्धता जताई है। इन देशों को ये ऋण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, यानी सड़क, पेयजल व बिजली वगैरह के लिए दिए जाएंगे। मंगलवार को माले (मालदीव) में दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार क्षेत्र की मंत्री-स्तरीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि भारत ने दक्षेस क्षेत्र के लिए नया ‘खरीदार ऋण कवच’ बनाया है। उन्होंनेऔरऔर भी

विश्व बैंक ने गंगा नदी की साफ-सफाई के लिए एक अरब डॉलर का ऋण मंजूर किया है। विश्व बैंक ने एक बयान जारी कर कहा कि इस सहयोग राशि का एक बड़ा हिस्सा सतत ढंग से गंगा में प्रदूषण घटाने के उपायों में लगाया जाएगा जिनमें जल संग्रह व शोधन, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण और कूड़ा प्रबंधन वगैरह शामिल है। विश्व बैंक ने कहा कि उसकी राष्ट्रीय गंगा नदी घाटी परियोजना से गंगा को स्वच्छ करने और संरक्षणऔरऔर भी

यह शेयर बाजार है प्यारे। यहां बड़ा अजब-गजब चलता रहता है। चांदी भले ही इधर पिटने लगी हो, लेकिन सोने की चमक अभी बाकी है। फिर भी सोने के धंधे में लगी कंपनियों को बाजार से कायदे का भाव नहीं मिल रहा। ज्यादातर कंपनियों के शेयर इस समय 10 से कम के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहे हैं। जैसे, गीतांजलि जेम्स का पी/ई अनुपात इस समय 7, श्रीगणेश ज्वैलरी का 5.9, सु-राज डायमंड्स का 2.8, वैभवऔरऔर भी

आर्थिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत, चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) एक दूसरे को अपनी स्थानीय मुद्रा में कर्ज और अनुदान के लेनदेन पर सहमत हो गए हैं। ब्रिक्स देशों के बीच इस आशय के एक समझौते में चीन के शहर सान्या में हस्ताक्षर किए गए। इस पहल को अमेरिकी मुद्रा डॉलर पर निर्भरता और उसके वर्चस्व को घटाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। समझौतेऔरऔर भी

चालू रबी खरीद सीजन में गेहूं खरीद को सुनियोजित तरीके से आगे बढाने के मकसद से सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के लिए 5000 करोड़ रुपए के अल्पकालिक ऋण की मंजूरी दी है। यह ऋण वर्ष 2010-11 की उसकी कार्यशील पूंजी जरूरतों को पूरा करने के लिए दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को राजधानी दिल्ली में हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को हरीऔरऔर भी