अमृतकाल है या विश्वास का संकटकाल
दुनिया पर भले ही नई आर्थिक मंदी का संकट मंडरा रहा हो। लेकिन हमारा देश इंडिया यानी भारत इस वक्त भयंकर ही नहीं, भयावह विश्वास के संकट के दौर से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री झूठ बोलते हैं। समूची सरकार और उसमें बैठी पार्टी के आला नेता झूठ बोलते हैं। सरकार का हर मंत्री झूठ बोलता है। छोटे-बड़े अफसर भी बेधड़क झूठ बोलते हैं। हालत उस कविता जैसी हो गई है कि राजा बोला रात है, रानी बोलीऔरऔर भी
बजट में का बा? बनाने को बढ़ाया नहीं, घटाया, दिखाया दो लाख करोड़ ज्यादा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का चौथा बजट। सरकार द्वारा घोषित ‘अमृत काल’ के 25 साल का पहला बजट। साल 2022 का बजट। यहां से गिनेंगे तो वर्ष 2047 में भारत की आज़ादी को 100 साल हो जाएंगे। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने इस बार इसी India@100 का सपना दिखाया है। उन्होंने भांति-भांति की योजनाएं गिनाने के बाद दावा किया कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के जरिए देश की आर्थिक विकास को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।औरऔर भी









