डीसीडब्ल्यू लिमिटेड (बीएसई कोड – 500117, एनएसई कोड – DCW) बहुत पुरानी बाप-दादा के जमाने की कंपनी है। कास्टिक सोडा, क्लोरीन व उसके यौगिक, पीवीसी रेजिन, सोडा एश और अमोनियम बाईकार्बोनेट जैसे कई बुनियादी रसायन बनाती है। घोड़े की नाल इसका लोगो है। सवाल उठता है कि बैंकिग, आईटी, मल्टी मीडिया और रीयल्टी के लकदक जमाने में ऐसी कंपनी को कौन पूछेगा? लेकिन ऐसा नहीं है। कल बीएसई में इसके 11.21 लाख शेयरों के सौदे हुए हैं,औरऔर भी

डंकन्स इंडस्ट्रीज को सितंबर तिमाही के नजीते घोषित किए हुए पूरे तेरह दिन हो चुके हैं। 29 अक्टूबर को कंपनी ने बोर्ड बैठक के बाद स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया और यह सूचना सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध भी है कि 30 सितंबर को समाप्त तिमाही में उसने 56.07 करोड़ रुपए की आय पर 9.93 करोड़ रुपए शुद्ध लाभ कमाया है। कोई भी इन नतीजों को देखकर जान सकता था कि इस तिमाही में उसका शुद्ध लाभ पूरेऔरऔर भी

बाजार कैसे और क्यों उठता-गिरता है, इसे परिभाषित करने के लिए आपको हमारी जरूरत नहीं है। यह तो आपको खुद समझना होगा। जहां तक हमारी बात है तो बाजार के 8000 अंक से 21,000 तक पहुंचने के अनुमान में हम एकदम सटीक रहे हैं और आगे आपको कम से कम 42,000 तक ले जाएंगे। हालांकि राकेश झुनझुनवाला ने किसी को बताया है कि बाजार 50,000 अंक तक जाएगा। मजे की बात यह है कि वे यहां बीएसईऔरऔर भी

लॉयड इलेक्ट्रिक (बीएसई कोड – 517518, एनएसई कोड – LLOYDELENG) का शेयर सतह से उठने लगा है। पिछले एक महीने में यह 15 फीसदी बढ़ चुका है। 8 अक्टूबर को यह 71.50 रुपए पर बंद हुआ था। कल 9 नवंबर को यह (5.72 फीसदी बढ़कर) 82.25 रुपए पर बंद हुआ है। जल्दी ही इसके 120 रुपए से ऊपर पहुंच जाने के आसार हैं। हालांकि दूसरी तिमाही के उसके नतीजे बहुत खास नहीं रहे हैं। सितंबर 2010 मेंऔरऔर भी

शार्प इंडस्ट्रीज के बारे में कल सुबह ही लिखना था। फिर लगा कि जो शेयर पिछले तीन हफ्ते में ही 34.16 रुपए से 159 फीसदी बढ़कर 88.50 रुपए तक पहुंच गया हो, उसके बारे में अब क्या लिखना। लेकिन वो तो कल शाम तक फिर 5 फीसदी की सर्किट सीमा को छूने पहुंच गया। चला गया 92.90 रुपए पर जो उसके 52 हफ्तों का शिखर है और बंद हुआ 92.50 रुपए पर। बता दें कि 1989 मेंऔरऔर भी

बाजार (सेंसेक्स) खुला मुहूर्त से करीब 37 अंक बढ़कर, मगर बंद हुआ 152.58 अंक की गिरावट के साथ 20,852.38 पर जाकर। लेकिन घबराने की कोई बात नहीं। यह सब कुछ नहीं, बस मछली पकड़ने के जाल जैसा काम है। जाल को नीचे तक ले जाओ ताकि और मछलियां पकड़ में आ जाएं। बाजार अब पूरी तरह नियंत्रण में है और उतार-चढ़ाव इसलिए लाए जा रहे हैं ताकि आप यहां से वहां तक झूल, या कहें तो झूमऔरऔर भी

मुंबई की कंस्ट्रक्शन व इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी प्रतिभा इंडस्ट्रीज में इधर हलचल कुछ ज्यादा ही तेज हो गई है। कंपनी को पिछले हफ्ते तीन खास कांट्रैक्ट मिले हैं। पहला, गोदावरी मराठवाडा इरिगेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, औरंगाबाद से 37.44 करोड़ रुपए का। दूसरा, रहेजा यूनिवर्सल की तरफ से मुंबई में तीन रिहाइशी इमारतें बनाने के लिए 63 करोड़ रुपए का कांट्रैक्ट, जिसमें 20 फ्लोर की तीन इमारतें बनाई जानी हैं। तीसरा कांट्रैक्ट है तमिलनाडु वॉटर सप्लाई एंड ड्रेनेज बोर्ड का।औरऔर भी

हमने अल-सुबह ही कह दिया था कि मुहूर्त ट्रेडिंग में बीएसई सेंसेक्स 21,000 अंक के ऊपर खुलने की उम्मीद है। बाजार हमारी उम्मीद पर खरा उतरा। सेंसेक्स 21,045.66 पर खुला। 21,108.64 तक ऊंचा गया। एक घंटे की मुहूर्त ट्रेडिंग के आखिरी मिनटों में नीचे में 20,961.98 तक चला गया। लेकिन बंद हुआ 21,004.96 के अंक पर। गुरुवार के बंद स्तर 20,893.57 से 111.39 अंक बढ़कर। इसी तरह निफ्टी भी 30.65 अंक बढ़कर 6312.45 अंक पर बंद हुआऔरऔर भी

मंत्रों की शक्ति मैं नहीं जानता। आवाहन नहीं जानता। वंदना भी नहीं जानता। लेकिन बताते हैं कि दीपावली के अवसर पर माता लक्ष्मी की विशिष्ट कृपा पाने के लिए इस मंत्र का जाप करते हैं तो आप सबकी तरफ से हम भी कहते हैं, “ऊँ महालक्ष्मये च विदमहे विष्णु पत्न्ये च धीमहि तन्नो लक्ष्मिः प्रचोदयात्। ऊँ शांतिः शांतिः शांतिः।” मैं तो मां लक्ष्मी से यही मांगता हूं कि वे अर्थकाम की टीम को इतना सक्षम व समर्थऔरऔर भी

कोल इंडिया भारतीय पूंजी बाजार के लिए बहुत कुछ नया लेकर आई है। वह लिस्टिंग के बाद देश में बाजार पूंजीकरण के लिहाज से चौथी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। पहले दिन उसके शेयरों में आईपीओ के कुल आकार की 1.44 गुना ट्रेडिंग हुई। एनएसई और बीएसई के कैश सेमगेंट में इसके कुल 22,024.02 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है। इसमें से एनएसई में हुआ कारोबार 15,699.92 करोड़ रुपए और बीएसई में 6324.10 करोड़ रुपए काऔरऔर भी