नहीं समझ में आता कि शेयर बाजार में यह किसके करमों की गति और कौन-सी होनी है जो सब कुछ अच्छा होते हुए भी किसी कंपनी के शेयर के साथ बुरा हो जाता है। सही संदर्भ के लिए पहले संत कबीर का पूरा पद, “करम टारे नाहिं टरी। मुनि वसिष्ठ से पण्डित ज्ञानी साधि के लगन धरी। सीता हरन मरन दसरथ को, वन में बिपत परी। कहं वह फन्द कहां वह पारिधि, कहं वह मिरग चरी। कोटिऔरऔर भी

यूटीआई म्यूचुअल फंड ने निवेशकों को वित्तीय रूप से साक्षर बनाने का अभियान फिर चलाने का फैसला किया है। बहुत मुमकिन है कि इसे भी पिछले साल की तरह जुलाई माह से शुरू कर दिया जाए। इसके तहत म्यूचुअल फंड की तरफ से चार महानगरों – दिल्ली, मुंबई, कोलकाता व चेन्नई से तमाम शिक्षण सामग्रियों के लैस बसें चलाई जाएंगी। इन बसों का नाम नोलेज कारवां रखा गया है। ये बसें शहरों, कस्बों व गांवों में रुक-रुककरऔरऔर भी

हम में से बहुत लोग लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय खुद बहुत कम सोचते हैं। ज्यादातर वे एजेंट की बातों पर भरोसा करते हैं या उसकी वाकपटुता के जाल में आकर फैसला कर बैठते हैं और एजेंट उन्हें अपने मन मुताबिक (कमीशन-माफिक) लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी बेच देता है। फिर क्या करें: सिर्फ यह कीजिए कि  फैसला खुद लीजिए कि आपको  कौन-सी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी  खरीदनी है? एजेंट द्वारा सुझाई गई कम प्रीमियम वाली पॉलिसी को तभी तवज्जोऔरऔर भी