किसानों की शिकायत थी कि पिछले साल उर्वरकों, खासकर डीएपी (डाई अमोनियम फॉस्फेट) और एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) के दाम बहुत बढ़ गए थे। लिहाजा इस बार इन्हें कम किया जाना चाहिए। लेकिन सरकार ने उनकी मांग से उलट दोनों ही उर्वरकों पर सब्सिडी घटा दी है जिनसे इनके दाम इस साल बढ़ जाएंगे। डीएपी पर सब्सिडी 27.4 फीसदी और एमओपी पर 10.1 फीसदी कम की गई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को अपनी बैठक में तयऔरऔर भी

सितम्‍बर 2011 में यूरिया का उत्‍पादन लक्ष्‍य से 62,000 टन कम रहा है। लक्ष्‍य 18.28 लाख टन का था, जबकि उत्‍पादन लगभग 17.66 लाख टन का हुआ। इसी प्रकार डीएपी (डाई अमोनियम फॉस्फेट) का उत्‍पादन भी 97,000 टन कम रहा है। लक्ष्‍य 4.22 लाख टन का था, जबकि उत्‍पादन 3.25 लाख टन का ही हुआ है। रसायन व उर्वरक मंत्रालय की तरफ से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, सितम्‍बर माह में विभिन्‍न राज्‍यों को लगभग 25.17औरऔर भी

जुआरी इंडस्ट्रीज का शेयर कल बीएसई (कोड – 500780) में 2.50 फीसदी गिरकर 689.05 रुपए और एनएसई (कोड – ZUARIAGRO) में 2.78 फीसदी गिरकर 689.90 रुपए पर बंद हुआ है। कंपनी का ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 52.48 रुपए है और इस हिसाब से उसका शेयर 13.13 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। शेयर की बुक वैल्यू 400.14 रुपए है। बी ग्रुप का शेयर है। कल बीएसई में इसमें औसत सेऔरऔर भी

यूरिया को डिकंट्रोल करने की मुहिम जारी है और उर्वरक कंपनियों के स्टॉक पर जुनून-सा सवार होता दिख रहा है। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता में बना मंत्रियों की समूह (जीओएम) शुक्रवार 3 दिसंबर को इस मुद्दे पर बैठक करेगा। पहले यह बैठक आज, सोमवार 29 नवंबर को होनी थी। लेकिन उर्वरक व रसायन मंत्री एम के अलागिरी इस बैठक से पहले उर्वरक उद्योग के प्रतिनिधियों से मिलना चाहते थे। यह मुलाकात 1 दिसंबर को होगी,औरऔर भी

सरकार यूरिया से मूल्य-नियंत्रण हटाने की तरफ तेज कदमों से बढ़ रही है। बुधवार को वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और उवर्रक राज्य मंत्री श्रीकांत जेना उर्वरक उद्योग के प्रतिनिधियों से मिले। समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार इस मुलाकात के बाद उन्होंने एक पैनल बनाने का निर्णय लिया है जिसमें उर्वरक मंत्रालय, कृषि मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के शीर्ष अधिकारी शामिल रहेंगे। यह पैनल यूरिया के मूल्य से सरकारी नियंत्रण हटाने की संभाव्यता पर विचारऔरऔर भी