इतने शिकारी और हम-आप हैं अकेले

हमारे वित्तीय उद्योग के साथ बड़ी समस्या ये है कि यहां अंदर के बहुतेरे लोग निवेशकों की मदद नहीं, शिकार करने की ताक में लगे रहते हैं। ब्रोकर बहुत सारी सलाहें निकालते रहते हैं ताकि हम-आप जमकर सौदे करें और उनका कमीशन बढ़ता रहे। टीवी चैनल और वहां आनेवाले एनालिस्ट अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। बिजनेस अखबारों के लिए भी धंधा पहले है, पाठक बाद में। अब गुरु की दशा-दिशा…

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