चुनावों से सीधा रिश्ता शेयर बाज़ार का

राजनीति और अर्थनीति का सीधा रिश्ता है क्योंकि राजनीति से ही सरकारें बनती हैं जो आर्थिक नीतियों का फैसला करती हैं जिनसे सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था से लेकर कॉरपोरेट जगत तक संचालित होता है। कॉरपोरेट जगत पर असर से शेयर बाज़ार सीधा-सीधा प्रभावित होता है। सरकार कौन-सी बनेगी, यह लोकतंत्र के मौजूदा दौर में चुनावों से तय होता है। इस तरह कड़ी से कड़ी जोड़कर देखें तो चुनावों से शेयर बाज़ार का सीधा रिश्ता बनता है। कैसे? यह साबित किया है हाल में अमेरिका के मध्यावधि चुनावों ने जिसमें राष्ट्रपति बाइडन की डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा तो शेयर बाज़ार खटाक से उछल गए। अपने यहां भी माहौल चुनावों का चल रहा है। आखिर क्या हो चुनावी माहौल में शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग की रणनीति? अब सोमवार का व्योम…

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