ब्याज से तार-दर-तार जुड़ा है बाज़ार का हाल

किसी देश या अर्थव्यवस्था में नीतिगत ब्याज दर क्या है, सरकारी बांडों पर ब्याज की वर्तमान दर क्या है, बैंक कितने ब्याज पर उद्योग जगत को उधार देते हैं और रिटेल व थोक मुद्रास्फीति क्या चल रही है, इनका बड़ा गहरा रिश्ता शेयर बाज़ार समेत कमोडिटी व फॉरेक्स बाज़ार तक से होता है। इनसे देशी मुद्रा की विनिमय दर भी जुड़ी है। इसलिए बाज़ार में कितने डॉलर आएंगे, इससे भी इनका वास्ता होता है तो विदेशी बाजार हमारे यहां कितना असर डालेंगे, इसका भी निर्धारण होता है। ब्याज को धन की लागत कहते हैं। सरकारी बांड की ब्याज दर को अर्थव्यवस्था का रिस्क-फ्री रिटर्न माना जाता है। अब सोमवार का व्योम…

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