सरकारी बांड रिस्क-फ्री, शेयर हैं पूरे रिस्की!

रिजर्व बैंक ने अंततः वह स्कीम शुरू ही कर दी जिसके जरिए आम लोग सीधे-सीधे सरकारी बांडों में निवेश कर सकते हैं। लेकिन सवाल उठता है कि जब उन्हें पीपीएफ में 7.1%, किसान विकास पत्र में 6.9%, एनएससी में 6.8% और सुकन्या समृद्धि योजना में 7.6% सुरक्षित सालाना ब्याज मिल रहा है तो वे 6.3% पाने के लिए सरकारी बांडों का रुख क्यों करेंगे? कुछ जानकार बताते हैं कि केंद्र सरकार को इस साल 12.5 लाख करोड़ रुपए का भारी-भरकम उधार जुटाने में मुश्किल आ रही है। इसलिए वह सीधे जनता से उधार खींचना चाहती है। खैर, चूंकि सरकारी बांडों का निवेश रिस्क-फ्री होता है तो इफरात धनवाले एचएनआई इन बांडों में अच्छा धन लगाएंगे। बाकी, शेयर बाज़ार में तो रिस्क ही रिस्क है। अब तथास्तु में आज की कंपनी…

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