फाइनेंस बिजनेस मीडिया उनका, अपना नहीं

वित्तीय बाज़ार में सक्रिय ज्यादातर आम निवेशक व ट्रेडर इस गफलत में रहते हैं कि बिजनेस अखबार, पत्र-पत्रिकाएं व चैनल उनकी मदद करते हैं और उन्हें देखकर वे अपना भविष्य सुधार सकते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि पूरा का पूरा फाइनेंस व बिजनेस मीडिया कॉरपोरेट क्षेत्र की प्रोपैगैण्डा मशीनरी है। यह फाइनेंस की दुनिया के धंधेबाज़ों को अवाम का शिकार करने में मदद करता है। सरकार भी वित्तीय साक्षरता के नाम पर महज अनुष्ठान पूरा करती है। ऐसे में आम लोगों को खुद वित्तीय रूप से साक्षर होने का बीड़ा उठाना पड़ेगा। अंग्रेज़ी व हिंदी की एकाध वेबसाइट ही उनके काम की हैं, बाकी बेकार। अब मंगलवार की दृष्टि…

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