भारत भले ही दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था हो। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि देश में आर्थिक मोर्चे पर सब ठीकठीक चल रहा है। जिस कृषि क्षेत्र पर हमारी 46.1% श्रमशक्ति और करीब 65% आबादी निर्भऱ है, वो तो पहले भी भगवान भरोसे थी और अब भी रामभरोसे ही है। लेकिन जिस सेवा क्षेत्र और मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र पर देश की विकासगाथा और विकास-यात्रा को आगे बढ़ाने का दारोमदार है, उसकी ठहरी या पस्तऔरऔर भी