कोई भी सरकार अगर सचमुच चाहती है कि देश की अर्थव्यवस्था बढ़े तो उसे धन को पूंजी में बदलने का काम करना चाहिए। लेकिन हमारी सरकार तो आर्थिक विकास के नाम पर दस साल से इवेंट और हेडलाइंस मैनेजमेंट में ही लगी है। वो अर्थव्यवस्था को भी राजनीति की तरह मैनेज करती है। जिस तरह उसने 81.35 करोड़ गरीबों को हर महीने पांच किलो मुफ्त अनाज और तमाम राज्यों की करोड़ों महिलाओं को लाडकी बहिन या लाडलीऔरऔर भी